लखनऊ: रोडवेज बसों से डीजल चोरी के मामले में अब तक कई ड्राइवर और कंडक्टरों की नौकरी जा चुकी है. तमाम चालक-परिचालकों से डीजल चोरी के एवज में रिकवरी भी हुई है. कई अधिकारी भी सस्पेंड हो चुके हैं, लेकिन अब भी धड़ल्ले से डीजल चोरी हो रही है. परिवहन विभाग के अधिकारियों ने एक ऐसे परिचालक को डीजल टैंक की कमान थमा दी है, जो खुद डीजल चोरी के मामले में पहले सस्पेंड हो चुका है. 'ईटीवी भारत' के पास लखनऊ के हैदरगढ़ डिपो से डीजल चोरी का वह वीडियो है, जिसमें बस में ज्यादा डीजल फिल कराने के बाद एक कनस्तर में वापस डीजल निकालकर चोरी की जा रही है. अधिकारियों ने मामले की जांच भी की, लेकिन कमीशनखोरी के इस खेल में परिचालक को अभयदान दे दिया गया. 'ईटीवी भारत' जब यह प्रकरण अधिकारियों के संज्ञान में लाया, तो अब जांच कर कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है.
डीजल चोरी का यह वीडियो लखनऊ परिक्षेत्र के हैदरगढ़ डिपो का है. इस वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह डिपो के अंदर ही डीजल चोरी कराई जा रही है. बाकायदा इसमें एक परिचालक जिसे अधिकारियों ने बस संचालन के बजाय डीजल टैंक की कमान सौंप रखी है. वह अन्य परिचालकों के साथ मिलकर बसों में डीजल भराने के बाद कैसे तेल वापस निकालकर चोरी करा रहा है. हैदरगढ़ डिपो के इस परिचालक/ड्यूटी लिपिक का नाम है शिव कुमार. वीडियो भले कई माह पहले का है, लेकिन यह मामला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बाहर नहीं आया. इसकी जांच करके लीपापोती कर मामले को ही रफा-दफा कर दिया गया.
अब जब फिर से रोडवेज के अधिकारी चालक-परिचालकों पर डीजल चोरी के एवज में कार्रवाई और रिकवरी का दबाव बना रहे हैं, तो 'ईटीवी भारत' को यह वीडियो हाथ लगा है, जिसमें जिम्मेदार ही कमीशनखोरी के चक्कर में डिपो के अंदर डीजल चोरी की कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं.हैदरगढ़ डिपो के अंदर डीजल चोरी के लिए रोडवेज बसें इस्तेमाल की जाती हैं. इस वीडियो में यूपी 33 टी 4274 बस के संविदा चालक पवन कुमार मिश्रा रूट से संचालित कर हैदरगढ़ डिपो के अंदर डीजल टैंक पर लाते हैं. बस में डीजल भराते हैं. डीजल लिपिक शिवकुमार साथ खड़े हुए नजर आ रहे हैं. बस में 170 लीटर डीजल भरा दिखाया गया और मीटर भी 170 लीटर ही शो कर रहा है. यह बस 944 किलोमीटर संचालित हुई और औसत 5.55 किलोमीटर प्रति लीटर आया, लेकिन यहीं के मैकेनिक ने सीनियर फोरमैन को जानकारी दी कि बस संख्या 4274 में डीजल भरते समय पांच लीटर डीजल मेजर में भर लिया गया.
डीजल चोरी के इस खेल में हर माह लाखों का वारा-न्यारा होता है. सूत्र बताते हैं इस खेल में नीचे से ऊपर तक सभी शामिल हैं.सीनियर फोरमैन ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिखा, जिसमें जिक्र किया गया कि इस बारे में डीजल लिपिक शिवकुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वाहन में डीजल भरते समय ज्यादा डीजल भर गया उसे वाहन से निकलवा लिया गया और डीजल टैंक में डाल दिया गया. उनसे कहा गया कि डीजल इसी तरह रहने दीजिए, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के आने पर निस्तारण होगा, लेकिन डीजल लिपिक शिवकुमार ने पहले ही डीजल टैंक में डीजल डलवा दिया.