नई दिल्ली/गाजियाबाद:दिल्ली-एनसीआर की मौजूदा बिगड़ती पर्यावरणीय स्थिति को देखते हुए एनसीआरटीसी ने स्थिति से निपटने के लिए अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है. एनसीआरटीसी (National Capital Region Transport Corporation) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि आरआरटीएस परियोजना को लागू करने वाली एजेंसी पूरी तत्परता के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन करती है. साथ ही साथ निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पूरी जिम्मेदारी से अन्य उपाय भी करती रही है.
प्री-कास्ट सेगमेंट का उपयोग:बयान में बताया गया है कि परियोजना की शुरुआत से ही पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, एनसीआरटीसी निर्माण के लिए प्री-कास्ट सेगमेंट का उपयोग कर रही है. प्री-कास्टिंग बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करते हुए कार्यों के सुरक्षित और तेजी से निष्पादन में मदद करता है. यह सड़क उपयोगकर्ताओं, राहगीरों, व्यापारियों और निवासियों की असुविधा को कम करता है, और वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में कमी करता है.
धूल से होने वाले प्रदूषण की संभावना ना के बराबर:एनसीआरटीसी के मुताबिक, आनंद विहार में सुरंगों के निर्माण के लिए उपयोग किए जा रहे टनल सेगमेंट्स को कास्टिंग यार्ड में सुनिश्चित गुणवत्ता नियंत्रण के साथ नियंत्रित वातावरण में कास्ट किया जा रहा है. इन्हें ट्रेलरों पर लाद कर रात के समय साइटों पर लाया जाता है, ताकि यातायात संबंधी समस्या और लोगों को कम से कम असुविधा हो. आनंद विहार साइट पर इन-सीटू निर्माण की आवश्यकता न्यूनतम है. इसके अलावा सुरंगों से निकाली गई मिट्टी गीली होती है और ज्यादातर साइट भी गीली होती है. इसलिए इस साइट पर धूल से होने वाले प्रदूषण की संभावना न्यूनतम है.