नई दिल्ली/ग्रे.नोएडा :सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति से गुर्जर शब्द हटाने को लेकर विवाद जोर पकड़ रहा है. दादरी से शुरू हुआ यह विवाद अब गांव-गांव और दूसरे शहरों और राज्यों तक पहुंच गया है. दादरी में आज आयोजित होने वाली 'गुर्जर स्वाभिमान महापंचायत' को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, लेकिन गुर्जर महासभा संगठन इस महापंचायत के आयोजन पर अमादा है. सोशल मीडिया पर भी महापंचायत का प्रचार किया जा रहा है और तर्क-वितर्क किए जा रहे हैं. इस मामले में पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है और दादरी इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.
ग्रेटर नोएडा में 'गुर्जर स्वाभिमान महापंचायत' को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है, जिससे दूर-दूर तक सड़कों पर पुलिस बल नजर आ रहा है. वाहन चालकों को रोककर चेकिंग की जा रही है. इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि महापंचायत आयोजित करने की अनुमति नहीं है. इसलिए यहां कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी जाएगी. पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया. मूर्ति को लेकर राजपूत और गुर्जर संगठनों में विवाद हुआ था, मूर्ति की पत्थर की थाली से गुर्जर शब्द निकाले जाने पर गुर्जर समुदाय के लोग आक्रोशित हो गए थे और विधायक के घर जाकर हंगामा भी किया था.
आज मिहिर भोज कॉलेज में गुर्जर महासभा संस्था की ओर से महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. इसमें उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से गुर्जर समुदाय के लोगों को निमंत्रण दिया गया है. उसी को देखते हुए रविवार को दादरी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. स्थिति यह है कि सड़कों पर पुलिस बल देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया हो.
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