लखीमपुर खीरी : गोद में बेटे की तस्वीर और आंखों में केवल आंसू. जिस बेटे को अपने गोद में खेलाया था आज उसी को एक बार देखने के लिए मां तरस रही है. फिलहाल केवल तस्वीर का ही सहारा है. लखीमपुर खीरी के इच्छानगर गांव के रहने वाले श्रीकिशन के परिवार पर दुखों का ग्लेशियर टूट पड़ा. इकलौते बेटे राजू की दो महीने बाद शादी होने वाली थी. परिवार में खुशियां थीं और शादी की तैयारियां चल रही थीं.
बाप-बेटे ने मिलकर सोचा कि दोनों मिलकर कुछ कमा लेंगे तो शादी के लिए किसी से कर्ज नहीं लेना पड़ेगा. धूमधाम से शादी होगी. लेकिन, उत्तराखंड में ग्लेशियर के टूटने से श्रीकिशन का सपना भी उसी में बह गया. श्रीकिशन अपने घर के 6 सदस्यों के साथ चमोली टनल में काम कर रहे थे. राजू के चाचा मुन्ना कहते हैं कि टीवी पर जब खबर देखी तो होश उड़ गए. कांपते हाथों से उन्होंने घर के सभी सदस्यों को फोन करना शुरू किया. लेकिन अभी तक किसी से कोई संपर्क नहीं हो सका है.
खुशियों वाले घर में अब गम, इंतजार और आंसू के सिवाय कुछ भी नहीं है. दीवारों पर हाथ के चिन्ह बनाकर लक्ष्मी का जहां इंतजार हो रहा था, आज वहां चूल्हे से धुआं तक नहीं उठ रहा. खामोश चूल्हा इंतजार के दर्द की इंतहा को बयां कर रहा है और परिवार के लौटने का इंतजार कमबख्त खत्म नहीं हो रहा.
जिले के बाबूपुरवा गांव के जीवनलाल के घर का भी यही हाल है. जीवनलाल के दो बेटे अर्जुनलाल और विक्रम कुमार की कमाई से ही घर का खर्च चलता है. बड़ा बेटा विक्रम उत्तराखंड के टिहरी डैम पर काम करता है और छोटा बेटा अर्जुनलाल अभी दो महीने पहले ही तपोवन काम करने गया था. जीवनलाल ने उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने की खबर जब टीवी पर देखी तो उनके पैरों तले की जमीन ही खिसक गई.
बड़ा बेटा तो सुरक्षित था लेकिन छोटे बेटे का फोन स्विच ऑफ बता रहा था. पूरे घर में कोहराम मच गया. पूरे घर में गम का माहौल हो गया. पिता घर के मंदिर के सामने खड़े होकर हाथ जोड़कर अपने बेटे की सलामती की दुआ कर रहे हैं. जब इंसान के हाथ में चीजें नहीं रहती हैं तो उसे भगवान पर ही सबसे ज्यादा भरोसा रहता है. भरोसा है कि ईश्वर उनकी पुकार सुनेंगे. भरोसा है कि बेटा जहां भी होगा ठीक होगा.
लखीमपुर खीरी- लापता मजदूरों की सूची
भैरमपुर
1. जितेंद्र (25) पुत्र जगदमोहन
2. पैकरमा गिरि (45) पुत्र पुत्तू गिरि
3. सतेंद्र कुमार (23) पुत्र रामकुमार
4. रंजीत (24) पुत्र बरखा गिरि
5. संतोष पाल (30) पुत्र राममूर्ति
6. मनोज कुमार (25) पुत्र राममूर्ति
7. अर्जुन लाल (24) पुत्र जीवन लाल
8. विनोद कुमार (24) पुत्र श्रीराम
इच्छानगर
9. जलाल हुसैन (20) पुत्र इश्तियाक
10. राजू (21) पुत्र श्रीकेशन
11. राशिद (20) पुत्र साहिद
12. मुकेश (20) पुत्र चेतराम
13. जगदीश (45) पुत्र रामप्रसाद
14. इस्लाम (30) पुत्र मखबूल
15. इरशाद (33) पुत्र मोहम्मद अली
16. शेर बहादुर (46) पुत्र खुशीराम
17. रामतीरथ ( 35) पुत्र मनोहर
18. रामबिलास (30) पुत्र कढिले
19. प्रमोद (20) पुत्र बिंद्रा
20. उरफान (22) पुत्र उस्मान
21. श्रीकृष्ण (30) पुत्र बदलू
22. उमेश (23) पुत्र जगदीश
बाबू पुरवा और अन्य गांव
23. भलभल (28) पुत्र जुम्मन खान, मिर्जागंज
24. हीरालाल (19)
25. सूरज (19)
26.अर्जुन (19)
27. विमलेश (25)
28. धर्मेंद्र (22) भूलनपुर
29.जावेद (24) पुत्र यूनुस सिंगाही
30. शेर सिंह पुत्र दीनदयाल तिकुनियां
31. रामू पुत्र सागर तिकुनियां
32. गौरी शंकर पुत्र जोगीराम तिकुनियां
33. शंकर पुत्र श्याम तिकुनियां
34. अरुण कुमार पुत्र रामबहादुर कडिया
आला अधिकारी पहुँचे पीड़ितों के गांव
डीएम-एसपी ने एक-एक कर परिवारों से मुलाकात के दौरान ढांढस बंधाया. उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी ऐसे लोगों को चिन्हित कर सूचीबद्ध कर रहा है, जिनका अपने परिवारों से संपर्क नहीं हो पा रहा है.
सूचीबद्ध लोगों के संबंध में राहत आयुक्त, उप्र के अलावा उत्तराखंड के अधिकारियों को सूचित करते हुए उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. जानकारी मिलते ही सभी परिजन से जानकारी साझा की जाएगी.