दरभंगा: लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदार हर शख्स के अपने मुद्दे हैं. वहीं, दरभंगा में कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में लोग विकास और आधुनिकता से कोसों दूर हैं. यहां आज भी लोग सड़क पार करने के लिए चचरी पुल का इस्तेमाल करते हैं.
इस क्षेत्र में शहरी रास्ते और जिला के बीच एक नदी है, जिसे पार करने के लिए अभी तक कोई पुल नहीं बन पाया. गांव के लोगों ने खुद ही मिलकर बांस और लकड़ी का एक चचरी पुल बनवाया, लेकिन उसे पार करके जाना जोखिम में डालने से कम नहीं है.
लोगों की सबसे बड़ी समस्या
लोगों का कहना है कि जब कभी कोई बीमार हो जाता है, या कोई दुर्घटना घट जाती है, ऐसे में पुल पार कर शहर के हॉस्पिटल जाना दूसरे खतरे को न्यौता देना है. ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में लोग अपनी बेटी की शादी नहीं कराते. क्योंकि वे अपनी बेटी को इस सुदूरवर्ती बाढ़ ग्रस्त इलाके में शादी कराने से मना कर देते हैं.
लोग मौजूदा सरकार से नाराज
बता दें कि इस चचरी पुल के बनने से लोगों को आवाजाही में आसानी जरूर हो गयी है, लेकिन उनके मन में मौजूदा सरकार के लिए खासी नाराजगी है. हर साल लोगों को भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ता है. जिसमें लाखों का अनाज और पशुधन का भी नुकसान होता है. फिर भी सरकार दियारा के इन लोगों पर ध्यान नहीं देती है.