नई दिल्ली: केरल में 2026 में विधानसभा चुनाव होना है. कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है. वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार दौरा कर रही है. अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 28 फरवरी को केरल के सभी वरिष्ठ नेताओं को तलब किया है. कहा जा रहा है कि चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे. साथ ही विधानसभा चुनाव में सांसद शशि थरुर की क्या भूमिका होगी, इस पर भी विस्तार से चर्चा होगी.
क्यों बुलायी गयी बैठकः हाल ही में तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर और राहुल गांधी के बीच मुलाकात हुई थी. राहुल के साथ थरूर की बैठक के बाद अटकलें लगाईं कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पार्टी में अपनी स्थिति से खुश नहीं हैं और भाजपा में शामिल हो सकते हैं. कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में राज्य इकाई के प्रमुख के सुधाकरन और कांग्रेस पार्टी के नेता वीडी सतीशन के बीच हुई तनातनी के बाद हाईकमान राज्य में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रहा है. 28 फरवरी की बैठक में इस मुद्दे को भी उठाया जा सकता है.
दिल्ली कार्यालय में कांग्रेस नेता. (फाइल फोटो) (IANS) क्या शशि थरूर हाशिये पर हैंः शशि थरूर, जिन्होंने 2022 के पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव में दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ चुनाव लड़ा था. बाद में प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया. उन्हें पार्टी में कोई अहम भूमिका नहीं दी गई. हालांकि उनके आलोचकों का तर्क है कि थरूर को खड़गे ने कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य बनाया था, जिन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद शीर्ष निकाय का पुनर्गठन किया था.
तिरुवनंतपुरम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन का अभिवादन करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर. (फाइल फोटो) (IANS) केरल के प्रभारी एआईसीसी सचिव पीवी मोहन ने ईटीवी भारत से कहा, "मुझे नहीं लगता कि शशि थरूर कहीं जा रहे हैं. वह एक वरिष्ठ नेता हैं, उनका सम्मान किया जाता है और वे पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं." उन्होंने इस बात से इनकार किया कि 28 फरवरी की बैठक मौजूदा विवाद के जवाब में होनी है. पीवी मोहन ने इस बैठक को चुनाव तैयारियों की समीक्षा बताया.
संगठन मजबूत करने की कवायदः मोहन ने कहा पार्टी ने इस साल पूरे देश में संगठन को फिर से मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है. इसलिए, बैठक में राज्य इकाई संगठन पर चर्चा होने की संभावना है. इसके अलावा, पूरी इकाई आने वाले चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर रही है. हमारे पास एक रोड मैप होना चाहिए. यह काम पहले से ही चल रहा है. एलडीएफ को दो कार्यकालों के लिए भारी सत्ता विरोधी भावना का सामना करना पड़ रहा है. यूडीएफ फिर से सत्ता में वापस आएगा.
केरल के कोझिकोड जिले में जनसभा के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी. (फाइल फोटो) (IANS) कांग्रेस गठबंधन की क्या है स्थितिः बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ पिछले 10 वर्षों से विपक्ष में है. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ को हराने के लिए उत्साहित है. यूडीएफ ने 2024 के लोकसभा चुनावों में राज्य की 20 में से 18 सीटें जीतकर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 44 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 14 सीटें मिलीं.
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