रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों ने केदानाथ मंदिर के शिखर से अधिक ऊंचाई के बन रहे भवनों का विरोध किया है. तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि धाम में मंदिर के शिखर से ऊपर कोई भी भवन नहीं बनना चाहिये. आज तक धाम में कोई भवन ऐसा नहीं बना है, जो मंदिर के शिखर से अधिक ऊंचा हो. तीर्थ पुरोहितों ने शीघ्र ही ऐसे भवनों का कार्य रोकने की मांग की है. कार्य न रोके जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.
16-17 जून 2013 की आपदा में केदारनाथ मंदिर को छोड़कर धाम में घर, दुकान, लाॅज सब तबाह हो गये थे. आपदा बाद से धाम में पुनर्निर्माण कार्य शुरू हुये. बाद में मंदिर के आगे के पैदल रास्ते पर बनाये गये. सभी घरों को ध्वस्त किया गया. घरों को ध्वस्त करने का सबसे बड़ा कारण यह था कि भक्तों को दूर से ही मंदिर के दर्शन हो जायें. अब धाम में द्वितीय चरण के पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं. इन कार्यों के तहत तीर्थ पुरोहितों के लिये घर, चिकित्सालय, प्रशासनिक भवन आदि कई कार्य चल रहे हैं.
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ऐसे में तीर्थ पुरोहित आरोप लगा रहे हैं कि कई भवन मंदिर के शिखर से ऊंचे निर्मित किये जा रहे हैं. तीन मंजिला भवनों की ऊंचाई मंदिर के शिखर से ऊपर जा रही है. आज तक मंदिर के शिखर से ऊंचे कोई भी भवन केदारनाथ में नहीं बने हैं. आपदा से पहले भी केदारनाथ धाम में स्थित सभी घर शिखर से नीचे थे. अगर मंदिर के शिखर से ऊंचे भवन केदारनाथ में बनाये जाते हैं तो इनका विरोध किया जायेगा. आंदोलन किया जायेगा.
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केदारनाथ धाम के वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चन्द्र पोस्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी को भी अवगत कराने के बाद भी मंदिर के ठीक सामने एक तीन मंजिला इमारत बन रही है. यह इमारत मंदिर के शिखर से ऊपर जा रही है. उन्होंने कहा मंदिर से ऊंची बन रही इमारतों के कार्य पर रोक लगा दी जाये. यदि रोक नहीं लगती है तो तीर्थ पुरोहित आंदोलन करेंगे.