ऋषिकेश: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बीते रोज अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात करने डोभ श्रीकोट पहुंचे थे. मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री के श्रीकोट आने से पहले अंकिता के परिजनों को पीएम रिपोर्ट दिखा दी गयी है. इस बात की जानकारी अंकिता के परिजनों ने दी है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार डेढ़ बजे के आस पास उन्हें पीएम रिपोर्ट दिखा दी है.
इससे पहले खबर आई थी कि अंकिता के परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दिखाई गई है लेकिन अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि सीएम धामी के आने से पहले उनको पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिखा दी गई थी. अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात कर उन्हें हर तरह की मदद करने का आश्वासन दिया है. उन्होंने ये भी बताया कि मुख्य्मंत्री ने 25 लाख रुपये का चेक भी दिया है लेकिन उन्हें रुपये नहीं न्याय चाहिए. वे अंकिता के हत्यारों को फांसी के फंदे पर लटकते देखना चाहते हैं. बता दें, शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अंकिता के घर पहुंचे थे. जहां उन्होंने अंकिता के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया था.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पहले सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी. वहीं, कांग्रेस के तमाम बड़े नेता जिसमें पूर्व सीएम हरीश रातव, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी अंकिता के घर पहुंचे चुके थे.
अंकिता भंडारी केस: गौरतलब है कि 19 साल की अंकिता भंडारी श्रीकोट के पास ही स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी. ये रिसॉर्ट बीजेपी के बड़े नेता विनोद आर्य के छोटे बेटे पुलकित आर्य का था. आरोप है कि यहां पर पुलकित आर्य अंकिता भंडारी ने गलत काम करना चाहता था, जिसका अंकिता भंडारी ने विरोध किया था. इस वजह से पुलकित आर्य और वनंत्रा रिसॉर्ट के दो मैनेजरों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता भंडारी की 18 सितंबर की रात को हत्या कर दी थी. उसका शव चीला नहर में फेंक दिया था.
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अंकिता भंडारी की लाश 24 सितंबर को चीला नहर से मिली थी. अंकिता भंडारी के तीनों हत्यार इस समय पुलिस की गिरफ्त में है. इस मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे है. मामले की जांच के लिए सरकार ने डीआईजी पी रेणुका के नेतृत्व में एसआईटी का गठन भी किया है, जो इस मामले की जांच कर रही है. आज 30 सितंबर को एसआईटी ने तीनों आरोपियों को जेल से तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है.