देहरादूनः उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है. हरीश रावत और रणजीत रावत की लड़ाई भी अब खुलकर सामने आ गई है. दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. गोदियाल ने चुनाव में हार की जिम्मेदारी ली है. वहीं, अब कुछ कांग्रेसी नेता गणेश गोदियाल के सपोर्ट में उतर चुके हैं. कांग्रेस नेता नवप्रभात ने कहा है कि चुनाव में हार के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
चुनाव में मिली हार पर कांग्रेस नेता नवप्रभात का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हार के लिए एक शख्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है. कहीं-कहीं पार्टी के कुछ उम्मीदवारों ने भाजपा उम्मीदवारों की मदद की. गुटबाजी हावी नहीं होनी चाहिए. औपचारिक समीक्षा बैठक की नहीं, बल्कि गहन समीक्षा की जरूरत है. उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के लिए सक्रिय रूप से शामिल रहे नेताओं की भूमिका का आकलन किया जाना चाहिए.
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नवप्रभात ने कहा कि पद पर बैठने के बाद अपना गुट बनाना और उसको बढ़ावा देना ये उचित नहीं है. नेतृत्व हमेशा सामूहिक होता है, जिम्मेदारी भी सामूहिक होती है. उन्होंने कहा कि जो लोग जिम्मेदार पद पर थे, आज की हार की जिम्मेदारी किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं थोप सकते हैं. कुछ गलत होने पर उन्हें उसी समय ठीक करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि किसी विधानसभा क्षेत्र में यदि जानबूझकर गुट खड़ा किया गया और चुनाव में किसी वरिष्ठ कांग्रेस नेता द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार को नुकसान पहुंचाया गया तो पार्टी को इसे बहुत गंभीर अपराध मानते हुए कार्रवाई करनी चाहिए.
गौरतलब है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली है. 2022 में सत्ता हासिल करने का सपना देख रही कांग्रेस को सिर्फ 19 सीटें ही मिली हैं. इस तरह पार्टी का पांच साल बाद सत्ता में वापस आने का सपना चकनाचूर हो गया. कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के मुखिया हरीश रावत, पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल और कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत तीनों ही अपनी सीटों से चुनाव हार गए.