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उत्तराखंड के विभिन्न जन मुद्दों को लेकर द्वाराहाट में हुआ प्रदेश स्तरीय विमर्श - शिविर का आयोजन अल्मोड़ा

अल्मोड़ा में लोकतांत्रिक अधिकारों का संघर्ष और मानवाधिकार विषय पर विभिन्न जन संगठनों द्वारा द्वाराहाट में दो दिवसीय राज्य स्तरीय विमर्श का आयोजन किया गया. जिसमें राज्य के तमाम ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई.

प्रदेशस्तरीय विमर्श
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Published : Dec 27, 2020, 7:37 PM IST

Updated : Dec 27, 2020, 7:45 PM IST

अल्मोड़ा: उत्तराखंड में लोकतांत्रिक अधिकारों का संघर्ष और मानवाधिकार विषय पर विभिन्न जन संगठनों द्वारा द्वाराहाट में दो दिवसीय राज्य स्तरीय विमर्श का आयोजन किया गया. जिसमें राज्य के तमाम ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई.

उत्तराखंड के विभिन्न जन मुद्दों को लेकर द्वाराहाट में हुआ प्रदेश स्तरीय विमर्श.

इस दो दिवसीय परिवर्तन शिविर का आयोजन गांव चलों अभियान, लोक चेतना मंच रानीखेत, उत्तराखंड छात्र संगठन, गैरसैंण राजधानी समिति, देवभूमि सिविल सोसायटी हरिद्वार, दस्तक सामाजिक संस्था द्वाराहाट, महिला एकता परिषद् द्वाराहाट, व्यसन मुक्त समाज गरुड़, किसान सेवक समिति गनोली, महिला मंगलदल शिलग, ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क, नैनीसार बचाओं संघर्ष समिति और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. इस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार, जल जंगल जमीन, नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन, वन बचाओ आंदोलन, नैनीसार आंदोलन, नागरिक अधिकार, महिलाएं, स्थाई राजधानी गैरसैंण के मुद्दों पर गंभीरता से विमर्श हुआ.

पढ़ें: दिल्ली में जज बनने के बाद पहली बार घर पहुंचीं कात्यायनी, परिजनों ने किया जोरदार स्वागत

इस मौके पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में उत्तराखंड कर तमाम ज्वलंत मुद्दों पर काफी सार्थक चर्चा हुई. जिसमें यह तय किया गया कि इन मुद्दों पर सरकारों के मनमाने रवैये के खिलाफ आगे सभी जंसगठन संघर्ष करेंगे. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मानवाधिकारों की हालत काफी खराब है.

तिवारी ने कहा कि सरकार जबरन लोगों पर जिला विकास प्राधिकरण थोप रही है. कोरोना काल में वनों के कानून बदल दिया जा रहा है. जिससे वनों में लोगों के अधिकार सीमित किये जा रहे हैं. गाय की सुरक्षा के नाम पर पालतू मवेशियों में टैग लगाकर उनको आधार कार्ड से जोड़कर लोगों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस चिंतन शिविर में तय किया गया कि इन तमाम मुद्दों पर आगे आंदोलन किया जाएगा.

अल्मोड़ा: उत्तराखंड में लोकतांत्रिक अधिकारों का संघर्ष और मानवाधिकार विषय पर विभिन्न जन संगठनों द्वारा द्वाराहाट में दो दिवसीय राज्य स्तरीय विमर्श का आयोजन किया गया. जिसमें राज्य के तमाम ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई.

उत्तराखंड के विभिन्न जन मुद्दों को लेकर द्वाराहाट में हुआ प्रदेश स्तरीय विमर्श.

इस दो दिवसीय परिवर्तन शिविर का आयोजन गांव चलों अभियान, लोक चेतना मंच रानीखेत, उत्तराखंड छात्र संगठन, गैरसैंण राजधानी समिति, देवभूमि सिविल सोसायटी हरिद्वार, दस्तक सामाजिक संस्था द्वाराहाट, महिला एकता परिषद् द्वाराहाट, व्यसन मुक्त समाज गरुड़, किसान सेवक समिति गनोली, महिला मंगलदल शिलग, ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क, नैनीसार बचाओं संघर्ष समिति और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. इस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार, जल जंगल जमीन, नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन, वन बचाओ आंदोलन, नैनीसार आंदोलन, नागरिक अधिकार, महिलाएं, स्थाई राजधानी गैरसैंण के मुद्दों पर गंभीरता से विमर्श हुआ.

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इस मौके पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में उत्तराखंड कर तमाम ज्वलंत मुद्दों पर काफी सार्थक चर्चा हुई. जिसमें यह तय किया गया कि इन मुद्दों पर सरकारों के मनमाने रवैये के खिलाफ आगे सभी जंसगठन संघर्ष करेंगे. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मानवाधिकारों की हालत काफी खराब है.

तिवारी ने कहा कि सरकार जबरन लोगों पर जिला विकास प्राधिकरण थोप रही है. कोरोना काल में वनों के कानून बदल दिया जा रहा है. जिससे वनों में लोगों के अधिकार सीमित किये जा रहे हैं. गाय की सुरक्षा के नाम पर पालतू मवेशियों में टैग लगाकर उनको आधार कार्ड से जोड़कर लोगों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस चिंतन शिविर में तय किया गया कि इन तमाम मुद्दों पर आगे आंदोलन किया जाएगा.

Last Updated : Dec 27, 2020, 7:45 PM IST
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