अल्मोड़ा: उत्तराखंड राज्य को आगामी 9 नवंबर को 20 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. इन 20 सालों में उत्तराखंड की स्थिति उसकी अस्मिता से जुड़े सवाल और राजनैतिक व्यवस्था को लेकर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने एक संगोष्ठी व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया. जिसमें उत्तराखंड के तमाम जिलों से पहुंचे तमाम सामाजिक, राजनीतिक, जन संगठनों के बुद्धिजीवियों ने शिरकत की.
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की जो अवधारणा थी, उसके उलट इस राज्य को राजनैतिक ताकतों ने गर्त में धकेलने का काम किया है. यहां प्राकृतिक संसाधनों की लूट हुई, माफिया संस्कृति को पनपाया गया. यहां के लोग हताश और निराश हैं. अलग राज्य को लेकर संघर्ष करने वाले लोग आज हाशिये पर हैं. उन्होंने कहा कि आज राज्य के 20 सालों को लेकर आयोजित संगोष्ठि में इस राज्य के विकास और वैकल्पिक सामाजिक व राजनैतिक व्यवस्था को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रबुद्धजनों ने अपने विचार रखे.
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सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वर जोशी ने कहा कि इन 20 सालों में राज्य की अस्मिता से जुड़े सवाल गायब हैं. राज्य की अवधारणा ध्वस्त हो चुकी है. सरकारों द्वारा लाए कानूनों से यहां के लोगों का अपने ही प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल और जमीन से दूरी बढ़ चुकी है जो काफी चिंताजनक है.