देहरादून: बीते दिनों नगर निगम के कांजी हाउस में 105 गोवंश की मौत का मामला सामने आया था. जिसके बाद से ही शासन-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. ईटीवी भारत की खबर के बाद अब नगर निगम ने कांजी हाउस को शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी है. वर्तमान कांजी हाउस में क्षमता से अधिक गोवंश रखा जाना भी गोवंश की मृत्यु का कारण बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस कांजी हाउस की क्षमता 100 गोवंश की है, जिसमें 400 से ऊपर गोवंश रखे गये थे.
हालांकि पहले भी कई बार इस कांजी हाउस को शिफ्ट करने की बात होती रही है लेकिन हर बार शिफ्टिंग का मामला फाइलों तक ही सिमट तक रह जाता है. जिसके कारण निगम के कांजी हाउस में दिन-प्रतिदिन जानवरों की संख्या बढ़ती जा रही है. अब इस कांजी हाउस की हालत इतनी खराब है कि यहां क्षमता से चार गुना अधिक जानवर मौजूद हैं. जैसे ही ईटीवी भारत ने कांजी हाउस में गोवंश की मौत का मामला उठाया, वैसे ही नगर निगम की आंखें खुल गईं.
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गोवंश का मामला खबरों में आने के बाद नगर निगम ने इस कांजी हाउस को शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी है. हरकत में आए शासन-प्रशासन ने आनन-फानन में दूसरी जगह गोशाला तैयार करने नगर निगम अधिकारी को सेलाकुई में भेजकर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. जिससे इस कांजी हाउस को सेलाकुई शिफ्ट किया जा सके.
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नगर आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि सेलाकुई में जागरण लॉ यूनिवर्सिटी के पीछे करीब 84 बीघा की जमीन नगर निगम की है. जिसका मेयर मुआयना कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि जमीन के आसपास हरा जंगल भी है.उन्होंने कहा कि यहां कांजी हाउस को शिफ्ट करने की बात चल रही है. नगर आयुक्त ने कहा कि निगम के अभियंताओं को मौके पर भेजकर जल्द से जल्द योजना तैयार कर देने के लिए कहा गया है.