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रायबरेली: फिर से अपनी राह पर बढ़ चला ऊंचाहार का यूनिट नं-6 - ऊंचाहार प्लांट का यूनिट नं-6

यूपी के रायबरेली में स्थित एनटीपीसी के ऊंचाहार प्लांट का यूनिट नं-6 को स्वर्णिम यूनिट कहा जाता था. नवंबर 2017 में बॉयलर फट जाने से हादसे के बाद यहां से विद्युत उत्पादन बंद हो गया. प्लांट के प्रभारी ने दावा किया है कि एक बार फिर अपने पुराने रसूख को वापस पाने की दिशा में यूनिट नं-6 बढ़ चला है.

अपने पुराने रसूख को वापस पाने की दिशा में यूनिट नं-6.
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Published : Nov 3, 2019, 3:18 PM IST

Updated : Sep 17, 2020, 4:19 PM IST

रायबरेली: यूनिट नं-6 को एनटीपीसी के ऊंचाहार प्लांट का स्वर्णिम यूनिट कहा जाता था. सिंतबर 2017 से इस यूनिट में कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत हुई थी. विद्युत उत्पादन शुरू होने के बाद से सभी की निगाहें इसी पर टिकी थीं. अधिक से अधिक उत्पादन का सपना यहां से लेकर दिल्ली तक देखा जा रहा था, जो 1 नवंबर 2017 को धराशाही हो गया था. वहीं एक बार फिर अपने पुराने रसूख को वापस पाने की दिशा में यूनिट नं-6 बढ़ चला है.

अपने पुराने रसूख को वापस पाने की दिशा में यूनिट नं-6.


ईटीवी भारत ने एनटीपीसी के प्रभारी भोला नाथ से की बातचीत
एनटीपीसी ऊंचाहार प्लांट के प्रभारी और हाल में समूह महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण करने वाले भोलानाथ मिश्र ने बताया कि निश्चित रूप से नवंबर 2017 का हादसा कभी न भूलने वाला था. उस भयावह दुर्घटना से सबक लेते हुए अब ऊंचाहार यूनिट सुरक्षा के नए जुड़े मापदंडों समेत सभी गाइडलाइंस को पूरी तरह पालन करते हुए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. हादसे के करीब 13 माह बाद दिसंबर 2018 में प्लांट की 500 मेगावाट की दुर्घटनाग्रस्त यूनिट ने उत्पादन करना फिर से शुरू कर दिया.


स्वर्णिम यूनिट के रसूख को वापस पाने की राह पर ऊंचाहार
इसके अलावा हादसे के बाद सीईए (सेंट्रल इलेक्ट्रीसिटी आथॉरिटी) ने देश भर के तमाम थर्मल पॉवर प्लांट के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे. 'लेसन फ्रॉम एनटीपीसी ऊंचाहार इंसिडेंट' या 'एनटीपीसी ऊंचाहार की दुर्घटना से सबक' नाम का विशेष अंक भी जारी किया गया. मिश्र दावा करते हैं कि अतीत से सबक लेकर वर्तमान में बेहतर और भविष्य में बेहतरीन उत्पादन क्षमता की ओर बढ़ते हुए एनटीपीसी ऊंचाहार सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता न करते हुए आगे बढ़ रहा है. ऊंचाहार देश के चुनिंदा हाई क्लास थर्मल पॉवर प्लांट में शुमार है.


ऊंचाहार में स्थापित हो चुका है अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित सुरक्षा अकादमी
प्लांट के प्रभारी कहते हैं कि एनटीपीसी ऊंचाहार में सुरक्षा तंत्र ग्लोबल पैटर्न के समक्ष रखने की दिशा में सेफ्टी पार्क विकसित किया जा चुका है. यहां पर हादसों से बचाव के अलावा किसी भी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है. खास बात यह है कि इस प्लांट में एम्प्लाइज के अलावा स्थानीय लोगों और विजिटर्स को भी सुरक्षा से संबंधी टिप्स दिए जाने की पहल की गई है. इसके साथ ही शीर्ष प्रबंध तंत्र के निर्देश पर देश भर के तमाम एनटीपीसी की यूनिटों के लिए 'सेफ्टी मेजर्स' ट्रेनिंग को ऊंचाहार के सुरक्षा अकादमी में दिए जाने का दावा भी समूह महाप्रबंधक ने किया.

इसे भी पढ़ें:- रायबरेली: NTPC हादसे के बाद बनाई गई थी जांच कमेटी, अब तक रिपोर्ट नहीं पहुंची ऊंचाहार

बता दें कि 1 नवंबर 2017 को एनटीपीसी ऊंचाहार के प्लांट में यूनिट नंबर 6 के बॉयलर के फट जाने से बड़ा विस्फोट हुआ था. इसके चपेट में आने से 45 लोगों की मौत हो गई थी और 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस दौरान यूनिट 6 के पुनरुद्धार में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत आई. साथ ही उत्पादन के बंद रहने के कारण करीब 400 करोड़ रुपये का नुकसान भी एनटीपीसी को उठाना पड़ा. एनटीपीसी ऊंचाहार की सबसे बड़ी प्रोडक्शन यूनिट नंबर 6 में कुल 500 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता उपलब्ध है. एनटीपीसी की इस इकाई से सबसे ज्यादा बिजली आपूर्ति उत्तर प्रदेश को की जाती है. इसके बाद राजधानी दिल्ली का नंबर आता है.

रायबरेली: यूनिट नं-6 को एनटीपीसी के ऊंचाहार प्लांट का स्वर्णिम यूनिट कहा जाता था. सिंतबर 2017 से इस यूनिट में कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत हुई थी. विद्युत उत्पादन शुरू होने के बाद से सभी की निगाहें इसी पर टिकी थीं. अधिक से अधिक उत्पादन का सपना यहां से लेकर दिल्ली तक देखा जा रहा था, जो 1 नवंबर 2017 को धराशाही हो गया था. वहीं एक बार फिर अपने पुराने रसूख को वापस पाने की दिशा में यूनिट नं-6 बढ़ चला है.

अपने पुराने रसूख को वापस पाने की दिशा में यूनिट नं-6.


ईटीवी भारत ने एनटीपीसी के प्रभारी भोला नाथ से की बातचीत
एनटीपीसी ऊंचाहार प्लांट के प्रभारी और हाल में समूह महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण करने वाले भोलानाथ मिश्र ने बताया कि निश्चित रूप से नवंबर 2017 का हादसा कभी न भूलने वाला था. उस भयावह दुर्घटना से सबक लेते हुए अब ऊंचाहार यूनिट सुरक्षा के नए जुड़े मापदंडों समेत सभी गाइडलाइंस को पूरी तरह पालन करते हुए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. हादसे के करीब 13 माह बाद दिसंबर 2018 में प्लांट की 500 मेगावाट की दुर्घटनाग्रस्त यूनिट ने उत्पादन करना फिर से शुरू कर दिया.


स्वर्णिम यूनिट के रसूख को वापस पाने की राह पर ऊंचाहार
इसके अलावा हादसे के बाद सीईए (सेंट्रल इलेक्ट्रीसिटी आथॉरिटी) ने देश भर के तमाम थर्मल पॉवर प्लांट के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे. 'लेसन फ्रॉम एनटीपीसी ऊंचाहार इंसिडेंट' या 'एनटीपीसी ऊंचाहार की दुर्घटना से सबक' नाम का विशेष अंक भी जारी किया गया. मिश्र दावा करते हैं कि अतीत से सबक लेकर वर्तमान में बेहतर और भविष्य में बेहतरीन उत्पादन क्षमता की ओर बढ़ते हुए एनटीपीसी ऊंचाहार सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता न करते हुए आगे बढ़ रहा है. ऊंचाहार देश के चुनिंदा हाई क्लास थर्मल पॉवर प्लांट में शुमार है.


ऊंचाहार में स्थापित हो चुका है अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित सुरक्षा अकादमी
प्लांट के प्रभारी कहते हैं कि एनटीपीसी ऊंचाहार में सुरक्षा तंत्र ग्लोबल पैटर्न के समक्ष रखने की दिशा में सेफ्टी पार्क विकसित किया जा चुका है. यहां पर हादसों से बचाव के अलावा किसी भी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है. खास बात यह है कि इस प्लांट में एम्प्लाइज के अलावा स्थानीय लोगों और विजिटर्स को भी सुरक्षा से संबंधी टिप्स दिए जाने की पहल की गई है. इसके साथ ही शीर्ष प्रबंध तंत्र के निर्देश पर देश भर के तमाम एनटीपीसी की यूनिटों के लिए 'सेफ्टी मेजर्स' ट्रेनिंग को ऊंचाहार के सुरक्षा अकादमी में दिए जाने का दावा भी समूह महाप्रबंधक ने किया.

इसे भी पढ़ें:- रायबरेली: NTPC हादसे के बाद बनाई गई थी जांच कमेटी, अब तक रिपोर्ट नहीं पहुंची ऊंचाहार

बता दें कि 1 नवंबर 2017 को एनटीपीसी ऊंचाहार के प्लांट में यूनिट नंबर 6 के बॉयलर के फट जाने से बड़ा विस्फोट हुआ था. इसके चपेट में आने से 45 लोगों की मौत हो गई थी और 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस दौरान यूनिट 6 के पुनरुद्धार में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत आई. साथ ही उत्पादन के बंद रहने के कारण करीब 400 करोड़ रुपये का नुकसान भी एनटीपीसी को उठाना पड़ा. एनटीपीसी ऊंचाहार की सबसे बड़ी प्रोडक्शन यूनिट नंबर 6 में कुल 500 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता उपलब्ध है. एनटीपीसी की इस इकाई से सबसे ज्यादा बिजली आपूर्ति उत्तर प्रदेश को की जाती है. इसके बाद राजधानी दिल्ली का नंबर आता है.

Intro:रायबरेली - एनटीपीसी ऊंचाहार हादसें की दूसरी बरसी विशेषांक

दोबारा से स्वर्णिम यूनिट के रसूख को वापस पाने की राह पर ऊंचाहार की यूनिट नं 6

01 नवंबर 2019 - रायबरेली

यूनिट नं 6 को एनटीपीसी के ऊंचाहार प्लांट का स्वर्णिम यूनिट करार दिया जाता था।सिंतबर 2017 से ही इस यूनिट में कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत हुई थी। 6वी यूनिट को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन खासा उत्साहित रहा है।विद्युत उत्पादन शुरु होने के बाद से ही सभी की निगाहे इसी पर टिकी रहती थी।अधिक से अधिक उत्पादन का सपना यहां से लेकर दिल्ली तक देखा जा रहा था,जो 1 नवंबर 2017 को एकाएक धराशाही हो गया था।पर अब उस हादसें के 2 साल गुजर जाने के बाद एक बार पुनः से अपने पुराने रसूख को वापस पाने की दिशा में यूनिट नं 6 बढ़ चला है।हादसें के दूसरी बरसी पर ETV ने एनटीपीसी के प्रभारी व समूह महाप्रबंधक भोला नाथ से इस प्लांट के अतीत,वर्तमान व भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।





Body:एनटीपीसी ऊंचाहार प्लांट के प्रभारी व हाल ही में समूह महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण करने वाले भोलानाथ मिश्र ने ETV भारत संवाददाता से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहते है कि निश्चित रुप से नवंबर 2017 का हादसा हम सभी के लिए कभी न भूलने वाली घटना रहेगी पर उस भयावह दुर्घटना से सबक लेते हुए अब ऊंचाहार यूनिट सुरक्षा के नए जुड़े मापदंडों समेत सभी गाइडलाइंस को पूरी तरह पालन करते हुए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।ग्रुप जीएम कहते हैं कि हादसें के करीब 13 माह बाद दिसंबर 2018 में प्लांट की 500 मेगावाट की दुर्घटनाग्रस्त छठी यूनिट ने उत्पादन करना पुनः से शुरू कर दिया गया।इसके अलावा हादसे के बाद सीईए(सेंट्रल इलेक्ट्रीसिटी आथॉरिटी) ने देशभर के तमाम थर्मल पॉवर प्लांट के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए थे और 'लेसन फ्रॉम एनटीपीसी ऊंचाहार इंसिडेंट' या 'एनटीपीसी ऊंचाहार की दुर्घटना से सबक' नाम का विशेष अंक भी जारी किया है।मिश्र दावा करते है कि अतीत से सबक लेकर वर्तमान में बेहतर व भविष्य में बेहतरीन उत्पादन क्षमता की ओर बढ़ते हुए एनटीपीसी ऊंचाहार सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता न करते हुए आगे बढ़ रहा है और देश के चुनिंदा हाई क्लास थर्मल पॉवर प्लांट में शुमार है।

ऊंचाहार में स्थापित हो चुका है अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित सुरक्षा अकादमी -

ऊंचाहार प्लांट के प्रभारी कहते है कि एनटीपीसी ऊंचाहार में सुरक्षा तंत्र ग्लोबल पैटर्न के समकक्ष रखने की दिशा में सेफ्टी पार्क विकसित किया जा चुका है जंहा पर हादसों से बचाव के अलावा किसी भी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। खास बात यह है कि इस प्लांट में एम्प्लाइज के अलावा स्थानीय लोगों व विज़िटर्स को भी सेफ्टी मैसर्स संबंधी टिप्स दिए जाने की पहल की गई है।इसके साथ ही शीर्ष प्रबंधतंत्र के निर्देश पर देशभर के तमाम एनटीपीसी की यूनिटों के लिए 'सेफ्टी मेजर्स' ट्रेनिंग को ऊंचाहार के सुरक्षा अकादमी में ही दिए जाने का दावा भी समूह महाप्रबंधक कहते है।




Conclusion:उल्लेखनीय है कि 1 नवंबर 2017 को एनटीपीसी ऊंचाहार के प्लांट में यूनिट नंबर 6 के बॉयलर के फट जाने से बड़ा विस्फोट हुआ था। जिसके चपेट में आने से 45 लोगों की जानें गई थी और 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।इस दौरान यूनिट 6 के पुनरुद्धार में लगभग 145 करोड़ रुपए की लागत आई साथ ही उत्पादन के बंद रहने के कारण करीब 400 करोड़ का नुकसान भी एनटीपीसी को उठाना पड़ा था।एनटीपीसी ऊंचाहार की सबसे बड़ी प्रोडक्शन यूनिट नंबर 6 में कुल 500 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता उपलब्ध है।एनटीपीसी की इस इकाई से सबसे ज्यादा आपूर्ति उत्तर प्रदेश को की जाती उसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नंबर आता है।

वन 2 वन: भोलानाथ मिश्र - समूह महाप्रबंधक - एनटीपीसी - ऊंचाहार

प्रणव कुमार - 7000024034
Last Updated : Sep 17, 2020, 4:19 PM IST
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