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लखनऊ: केजीएमयू में इलाज के दौरान 10 वर्षिय बच्चा सहित 2 संक्रमितों की मौत - tow coronavirus patient died in lucknow

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू में रविवार को इलाज के दौरान दो कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई. दोनों की हालत गंभीर होने पर एक दिन पहले केजीएमयू में भर्ती करवाया गया था.

केजीएमयू
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Published : Jul 6, 2020, 4:37 AM IST

लखनऊ: केजीएमयू के कोरोना वार्ड में रविवार को इलाज के दौरान एक 10 वर्षिय बच्चा और एक 47 वर्षिय व्यक्ती की मौत हो गई. दोनों की हालत गंभीर होने पर एक दिन पहले केजीएमयू में भर्ती करवाया गया था.

गंभीर हालत में केजीएमयू लाया गया था

बख्शी का तालाब निवासी 10 वर्षीय बच्चे में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद शनिवार दोपहर 2 बजे केजीएमयू में भर्ती किया गया था. केजीएमयू मीडिया प्रवक्ता ने बताया कि भर्ती के समय ही रोगी की हालत बेहद नाजुक थी. मरीज में कोरोना का संक्रमण पूरी तरह से फैल गया था. इस वजह से उसे रेस्पिरेट्री फैलियर की समस्या हो गई. इसके अलावा रोगी को टेटनेस की समस्या भी थी. भर्ती के बाद से ही उसे आईसीयू में रखा गया था. लेकिन इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई.

केजीएमयू
केजीएमयू

मरीज को थी मधुमेह की समस्या

इसके अलावा मिश्रिख सीतापुर निवासी 43 वर्षीय युवक को भी 3 जुलाई की सुबह 10:30 बजे गंभीर हालत में केजीएमयू में भर्ती किया गया था. रोगी में कोरोना संक्रमण पूरी तरह से फैल गया था. जिसके चलते उसे एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम हो गया था. मरीज को मधुमेह और लंबे समय से सोरायसिस की समस्या भी थी. जो स्किन से जुड़ी एक तरह की बीमारी होती है. रविवार देर शाम कोरोना वार्ड में इलाज के दौरान ही मरीज की मौत हो गई.

92 प्रतिशत मरीज ठीक हो जाते हैं
केजीएमयू में लगातार कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है. ज्यादातर मरीज कोरोना संक्रमण से ठीक होकर घर जा रहे हैं. पर इनमें से कुछ ऐसे भी रोगी हैं, जो रिकवर नहीं कर पा रहे हैं. हालत गंभीर होने पर इन्हें कोरोना वार्ड के आईसीयू यूनिट में भर्ती किया जाता है.

केजीएमयू के कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर चुके डॉक्टरों की माने तो यहां पर आने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों में से 92 प्रतिशत मरीज ठीक हो जाते हैं. पर इनमें से 8 प्रतिशत ऐसे मरीज होते हैं, जो बेहद गंभीर स्थिति में लाए जाते हैं. इनको बचाना बेहद मुश्किल होता है.

लखनऊ: केजीएमयू के कोरोना वार्ड में रविवार को इलाज के दौरान एक 10 वर्षिय बच्चा और एक 47 वर्षिय व्यक्ती की मौत हो गई. दोनों की हालत गंभीर होने पर एक दिन पहले केजीएमयू में भर्ती करवाया गया था.

गंभीर हालत में केजीएमयू लाया गया था

बख्शी का तालाब निवासी 10 वर्षीय बच्चे में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद शनिवार दोपहर 2 बजे केजीएमयू में भर्ती किया गया था. केजीएमयू मीडिया प्रवक्ता ने बताया कि भर्ती के समय ही रोगी की हालत बेहद नाजुक थी. मरीज में कोरोना का संक्रमण पूरी तरह से फैल गया था. इस वजह से उसे रेस्पिरेट्री फैलियर की समस्या हो गई. इसके अलावा रोगी को टेटनेस की समस्या भी थी. भर्ती के बाद से ही उसे आईसीयू में रखा गया था. लेकिन इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई.

केजीएमयू
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मरीज को थी मधुमेह की समस्या

इसके अलावा मिश्रिख सीतापुर निवासी 43 वर्षीय युवक को भी 3 जुलाई की सुबह 10:30 बजे गंभीर हालत में केजीएमयू में भर्ती किया गया था. रोगी में कोरोना संक्रमण पूरी तरह से फैल गया था. जिसके चलते उसे एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम हो गया था. मरीज को मधुमेह और लंबे समय से सोरायसिस की समस्या भी थी. जो स्किन से जुड़ी एक तरह की बीमारी होती है. रविवार देर शाम कोरोना वार्ड में इलाज के दौरान ही मरीज की मौत हो गई.

92 प्रतिशत मरीज ठीक हो जाते हैं
केजीएमयू में लगातार कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है. ज्यादातर मरीज कोरोना संक्रमण से ठीक होकर घर जा रहे हैं. पर इनमें से कुछ ऐसे भी रोगी हैं, जो रिकवर नहीं कर पा रहे हैं. हालत गंभीर होने पर इन्हें कोरोना वार्ड के आईसीयू यूनिट में भर्ती किया जाता है.

केजीएमयू के कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर चुके डॉक्टरों की माने तो यहां पर आने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों में से 92 प्रतिशत मरीज ठीक हो जाते हैं. पर इनमें से 8 प्रतिशत ऐसे मरीज होते हैं, जो बेहद गंभीर स्थिति में लाए जाते हैं. इनको बचाना बेहद मुश्किल होता है.

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