लखनऊः लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अयोध्या रोड पर पारिजात अपार्टमेंट बनाया है. आवंटियों से बुकलेट में किये गये वायदे को पूरा नहीं किया गया. साथ ही निर्माण में भी काफी कमियां है. इस मामले की सीएम से शिकायत करते हुये आवंटियों ने इस मामले की एलडीए के उच्चाधिकारी से जांच करवाने की मांग की थी. इस पर गुरुवार को सचिव पवन गंगवार ने देर शाम यहां का निरीक्षण किया. आवंटियों ने विभिन्न समस्याओं से सचिव को अवगत कराया. उन्हें बताया गया कि मुख्य समस्या सुरक्षा व सफाई व्यवस्था की है. ग्रीन गैस कनेक्शन की सुविधा भी नहीं दी गई है. सचिव सभी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए निर्देश दिए हैं.
कई कमियां मिली, दूर कराने का आश्वासन
सचिव ने बताया कि कमियां कई मिली हैं. फिनिशिंग का काम भी अधूरा है. शियर वॉल से बनी दीवारों में गड़बड़ियां हैं. प्रयास यह है कि कब्जा देने के समय फ्लैट में काम पूरे किए जाएं. जबकि कॉमन एरिया में जो भी कमियां हों उन्हें पहले दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं. निरीक्षण के समय अधिशासी अभियंता जोन एक प्रताप शंकर मिश्रा, सहायक अभियंता नरेंद्र कुमार, अवर अभियंता आनंद द्विवेदी व संबंधित ठेकेदार उपस्थित थे.
जो वायदे किये थे, नहीं किए पूरे
आवंटियों ने बताया कि पारिजात अपार्टमेंट में एलडीए ने जो बुकलेट में वायदे किये थे. उसमें से अधिकांश पूरे नहीं किये. सीसीटीवी, इंटरकॉम, इंटरनेट, केबल टीबी, वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा मिली ही नहीं है. कई टावर में पावर बैकप अभी तक नहीं दिया गया है. फायर सिस्टम अधूरा है, अधिकांश खिड़कियों में शीशे नहीं लगे हैं. क्लब बनाया गया है, लेकिन अधूरा है, सुविधाए नहीं हैं. अपार्टमेंट में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है.
कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था नहीं, सीवेज की भी समस्या
अपार्टमेंट परिसर में कूड़ा कलेक्शन की कोई व्यवस्था नहीं है. पार्किंग की नंबरिंग कागजों में है. मौके पर कुछ नहीं किया गया है. बिल्डिंग निर्माण में भी अनियमितता बरती गयी है. सीवेज व लीकेज की समस्या सोसाइटी में बनी हुई है. सभी डक खुले हुये हैं. सीवर, पानी के लीकेज की समस्या बनी हुई है. अपार्टमेंट में आने का मुख्यमार्ग जो सर्विस रोड है, उसे आम रास्ता बना दिया गया है. इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं. अपार्टमेंट अभी निमार्णाधीन है. ऐसे में सीसी जारी करना, आवंटियों से मेंटिनेंस पहली रजिस्ट्री से लगाना, एक तरह से भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए. कार्पस फंड और मेंटिनेंस फंड अभी भी लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास है. पारिजात अपार्टमेंट के आवंटी प्राधिकरण की उपेक्षा के शिकार हैं.
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