लखनऊ: नागरिकता संशोधन के विरोध में 19 दिसंबर 2019 को हुए हिंसक प्रदर्शन में आगजनी करने के आरोपी समेत चार अपराधियों को छह महीने के लिए जिला बदर किया गया है. पुलिस कमिश्नर ध्रुवकांत ने गुरुवार को ये आदेश जारी किया. इन अपराधियों पर कैसरबाग, बंथरा, सरोजनीनगर और मानकनगर थानों में मुकदमें दर्ज हैं.
सीएए हिंसा के आरोपी के खिलाफ दर्ज हुए थे दो मुकदमे
नागरिकता संशोधन के विरोध में हुई हिंसा के मामले में तालाब गगनी शुक्ल निवासी इरफान के खिलाफ कैसरबाग कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे. इरफान पर बलवा करने, आगजनी, जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने, 7 सीएल एक्ट और सम्पत्ति नष्ट करने का आरोप था. गुरुवार को पुलिस कमिश्नर की कोर्ट में इरफान के अधिवक्ता की दलीलों के अभियोजन अधिकारी अवधेश सिंह ने विरोध किया. इन्हें सुनने के बाद पुलिस कमिश्नर ने इरफान को छह महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर किए जाने का आदेश पारित किया.
बता दें कि पुलिस कमिश्नर ध्रुवकांत ठाकुर की कोर्ट ने बंथरा हरौनी निवासी पिंटू उर्फ अखिलेश, मानकनगर निवासी आनन्द पाण्डेय और मासूम से दुराचार करने के आरोपी सरोजनीनगर निवासी अखिलेश कश्यप को भी छह माह के लिए जिला बदर किया है.