लखनऊः एलडीए में भूखंड आवंटन से जुड़ी फाइलों के गायब होने का सिलसिला रुक नहीं रहा है. पिछले दिनों प्रबंध नगर योजना से जुड़ी कई फाइलों के गायब होने की जानकारी मिली थी तो अब ट्रांसपोर्ट नगर योजना में 80 भूखंड की फाइलें गायब होने का मामला प्रकाश में आया है. इनकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की बताई जा रही है. अब अधिकारी इन फाइलों को ढूंढने में लग गए हैं. आशंका है कि 100 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी में फर्जीवाड़ा हुआ है. फर्जीवाड़ा करके फ़ाइल गायब कर दी गई हैं
ट्रांसपोर्ट नगर योजना में गायब हुई हैं 80 भूखण्ड आवंटन की फाइल
एलडीए की ट्रांसपोर्ट नगर योजना में 100 करोड रुपये की कीमत के भूखंड आवंटन से जुड़े फाइलें गायब हैं. इन फाइलों की संख्या 80 बताई जा रही है. विकास प्राधिकरण के डिस्पोजल रजिस्टर में भी इनका कोई उल्लेख नहीं है. ऐसे में एक बड़ा फर्जीवाड़ा भी हो सकता है. बाबुओं की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा करके भूखंड आवंटित किए गए और उनकी फाइलें गायब कर दी गईं. इस योजना में 80 भूखंडों को आवंटित किए जाने के कोई मूल अभिलेख लखनऊ विकास प्राधिकरण के कार्यालय में नहीं हैं. अब मामला जब सामने आया तो एलडीए के सचिव पवन गंगवार ने जांच शुरू कराने की बात कही है.
ट्रांसपोर्ट नगर योजना में 1978 में फाइलों के गायब होने की बात कही जा रही है. 1978 के समय जब यह योजना शुरू की गई तो लोगों को भूखंड आवंटन किए गए थे. इसी बीच कुछ बाबुओं ने मिलीभगत करके 80 भूखंड इधर-उधर आवंटित कर दिए और उनके मूल दस्तावेज गायब कर दिए. इस भूखंड आवंटन से जुड़ी कोई भी फाइल कंप्यूटर पर भी दर्ज नहीं की जा सकी थी. अब मूल आवंटियों से मूल दस्तावेज मांगे जाएंगे.
आवंटियों से मूल दस्तावेज लेकर होगी जांच
लखनऊ विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर योजना से जुड़े 80 फाइलों के गायब होने की जानकारी मिली है. अब इस योजना से संबंधित जिन 80 लोग भूखंडों के फाइल गायब होने की बात कही जा रही है, उनके मूल आवंटी को से दस्तावेज मांगे जाएंगे और उन्हें नोटिस जारी की जाएगी. जिससे मूल दस्तावेज और सभी जानकारी प्राप्त की जा सके. सूत्र बताते हैं कि इन भूखंड के फर्जी आवंटन किए जाने की भी आशंका है. क्योंकि इन भूखंडों की कीमत अब व्यवसायिक के बराबर है. इन भूखंडों की मांग भी ज्यादा है. ऐसे में रिकॉर्ड का गायब हो जाना बड़े फर्जीवाड़े की ओर संकेत कर रहा है.
जांच कराकर होगी कार्रवाई
लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव पवन गंगवार ने बताया कि यह मामला प्रकाश में आया है और ट्रांसपोर्ट नगर योजना में 80 भूखंड आवंटन से जुड़ी पत्रावली नहीं मिल रही हैं. इनके रिकॉर्ड तलाशने के लिए मूल आवंटी को नोटिस जारी करके जांच में शामिल किया जाएगा. जिसके स्तर पर गड़बड़ी हुई या फर्जीवाड़ा किया गया उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.