कानपुरः बाबूपुरवा पुलिस ने देर शाम पीतल के बिस्कुटों को सोना बताकर बेचने वाले गिरोह के चार सदस्यों को झकरकटी बस अड्डे से गिरफ्तार किया है. उनके पास से पीतल के 13 बिस्कुट, तीन मोबाइल और 1900 रुपये बरामद हुए हैं.
ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार
बाबूपुरवा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्य बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के आसपास रात में अपना शिकार खोजते थे. गिरोह के एक सदस्य कलीम के अनुसार वह यात्रियों के बीच पहुंचकर इस तरह दिखावा करता था, जैसे उसकी कोई कीमती चीज खो गई हो. यात्रियों के पूछने पर उन्हें बताता कि 20 ग्राम सोने का बिस्कुिट गिर गया है. कुछ देर बाद उनका ही एक साथी बिस्कुट मिलने की बात कह कर बिस्कुट वापस देने का दिखावा करता था. इसके बाद मजबूरी बता कर कलीम सस्ते दाम पर बिस्कुट बेचने की बात कहता. इसी बीच कोई न कोई यात्री बिस्कुट खरीदने को तैयार हो जाता तो गिरोह के सदस्य 8 से 10 हजार में बेचकर चले जाते.
ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
बाबूपुरवा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ठगने वाला गिरोह सक्रिय है. बाबूपुरवा थाना प्रभारी ने सिपाहियों सहित दबिश देकर गिरोह के सरगना समेत चार सदस्यों पूरे तिवारी निवासी गोंडा, कलीम अहमद, बाबू उर्फ ताज मोहम्मद, बहलोलपुर निवासी केवले और धानेपुर निवासी शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया. गिरोह के चारों सदस्यों ने वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर समेत कई जिलों में सैकड़ों लोगों को सोने के नाम पर पीतल के बिस्कुट बेचकर टप्पेबाजी करने की बात कबूल की है.