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डेंगू के केस बढ़ते ही कानपुर में शुरू हो गया नकली प्लेटलेट्स का कारोबार, रहें सावधान - fake blood platelets selling for dengue patients

कानपुर जिले में डेंगू का कहर बढ़ते ही नकली प्लेटलेट्स का कारोबार भी शुरू हो गया है. जिले में धड़ल्ले से नकली प्लेटलेट्स का कारोबार फल-फूल रहा है. स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे कुछ लोग नकली प्लेटलेट्स बेच रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी खबर नहीं है.

fake blood platelets selling in kanpur to dengue patients
नकली प्लेटलेट्स का कारोबार
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Published : Oct 14, 2020, 12:27 PM IST

कानपुर: महानगर में इस समय डेंगू का कहर बढ़ रहा है. आए दिन 20 से अधिक लोग डेंगू पॉजिटिव हो रहे हैं. वहीं डेंगू की वजह से लोगों की प्लेटलेट्स भी कम हो रही है, जिसका फायदा उठाकर कुछ फर्जी लोग नकली प्लेटलेट्स का काला कारोबार कर रहे हैं. ये लोग थोड़े से फायदे के लिए मरीजों की जान से खेल रहे हैं. इसका खुलासा बर्रा थाना क्षेत्र के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती मरीज को चढ़ाने के लिए जब प्लेटलेट्स आई तब हुआ.

दरअसल, मरीज के तीमारदार चार हजार रुपये में दो यूनिट प्लेटलेट्स लेकर आए थे, लेकिन जब डॉक्टर ने प्लेटलेट्स का पाउच देखा तो उसे शक हुआ तो उसने उर्सला ब्लड बैंक प्रभारी से बात की तो यह फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद उर्सला ब्लड बैंक प्रभारी ने नकली प्लेटलेट्स को लेकर कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है. बर्रा और कोतवाली के बीच अभी मामले को लेकर निर्णय नहीं हो पा रहा है कि मामला कहां दर्ज हो, जहां कोतवाली ने यह कहकर मामला दर्ज नहीं किया कि मामला बर्रा का है. वहीं बर्रा थाने में भी अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ.

बैग में दर्ज नंबर था फर्जी
उर्सला ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एस के मिश्र ने बताया कि बर्रा के जिस हॉस्पिटल से प्लेटलेट्स का बैग दिया गया है वो यहां का नहीं है. बैग में लगी स्लिप तो बिल्कुल उर्सला जैसी है, लेकिन उसमें पड़ा नंबर फर्जी है. इससे इस बात का भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोई बड़ा नेटवर्क यह फर्जीवाड़ा कर रहा है और यह कानपुर समेत आस पास के जिलों में भी सक्रिय है.

औषधि विभाग जुटा रहा डेटा
औषधि विभाग के निरीक्षक संदेश मौर्य ने बताया कि हमने उर्सला के ब्लड बैंक में जाकर बैग का बैच नंबर, बार कोड और कंपनी का ब्यौरा लिया है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस बैच की सप्लाई शहर के कितने ब्लड बैंक में हुई है, क्योंकि इसकी मदद से गिरोह तक पहुंचा जा सकता है.

हॉस्पिटल में चढ़ते मिली नकली प्लेटलेट्स तो होगी कार्रवाई
कानपुर नगर के सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने नकली प्लेटलेट्स की लेकर कहा कि अवैध प्लेटलेट्स बेचने का मामला गंभीर है. अगर कोई हॉस्पिटल इस तरह की प्लेटलेट्स खरीदकर रोगी को चढ़ाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं अगर कोई बाहर ऐसी प्लेटलेट्स बेचता है तो यह मामला खाद्य और औषधि विभाग में आता है. इसलिए इस पर खाद्य और औषधि विभाग भी कार्रवाई करेगा.

ब्लड बैंक के काउंटर से ही लें प्लेटलेट्स
उर्सला के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एस के मिश्रा ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि ब्लड प्लेटलेट्स पीआरपी ब्लड बैंक के काउंटर से ही लें और उसकी रसीद भी चेक कर लें, क्योंकि बाहरी व्यक्ति से प्लेटलेट्स लेना मरीज की जान के लिए खतरा हो सकता है.

कानपुर: महानगर में इस समय डेंगू का कहर बढ़ रहा है. आए दिन 20 से अधिक लोग डेंगू पॉजिटिव हो रहे हैं. वहीं डेंगू की वजह से लोगों की प्लेटलेट्स भी कम हो रही है, जिसका फायदा उठाकर कुछ फर्जी लोग नकली प्लेटलेट्स का काला कारोबार कर रहे हैं. ये लोग थोड़े से फायदे के लिए मरीजों की जान से खेल रहे हैं. इसका खुलासा बर्रा थाना क्षेत्र के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती मरीज को चढ़ाने के लिए जब प्लेटलेट्स आई तब हुआ.

दरअसल, मरीज के तीमारदार चार हजार रुपये में दो यूनिट प्लेटलेट्स लेकर आए थे, लेकिन जब डॉक्टर ने प्लेटलेट्स का पाउच देखा तो उसे शक हुआ तो उसने उर्सला ब्लड बैंक प्रभारी से बात की तो यह फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद उर्सला ब्लड बैंक प्रभारी ने नकली प्लेटलेट्स को लेकर कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है. बर्रा और कोतवाली के बीच अभी मामले को लेकर निर्णय नहीं हो पा रहा है कि मामला कहां दर्ज हो, जहां कोतवाली ने यह कहकर मामला दर्ज नहीं किया कि मामला बर्रा का है. वहीं बर्रा थाने में भी अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ.

बैग में दर्ज नंबर था फर्जी
उर्सला ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एस के मिश्र ने बताया कि बर्रा के जिस हॉस्पिटल से प्लेटलेट्स का बैग दिया गया है वो यहां का नहीं है. बैग में लगी स्लिप तो बिल्कुल उर्सला जैसी है, लेकिन उसमें पड़ा नंबर फर्जी है. इससे इस बात का भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोई बड़ा नेटवर्क यह फर्जीवाड़ा कर रहा है और यह कानपुर समेत आस पास के जिलों में भी सक्रिय है.

औषधि विभाग जुटा रहा डेटा
औषधि विभाग के निरीक्षक संदेश मौर्य ने बताया कि हमने उर्सला के ब्लड बैंक में जाकर बैग का बैच नंबर, बार कोड और कंपनी का ब्यौरा लिया है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस बैच की सप्लाई शहर के कितने ब्लड बैंक में हुई है, क्योंकि इसकी मदद से गिरोह तक पहुंचा जा सकता है.

हॉस्पिटल में चढ़ते मिली नकली प्लेटलेट्स तो होगी कार्रवाई
कानपुर नगर के सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने नकली प्लेटलेट्स की लेकर कहा कि अवैध प्लेटलेट्स बेचने का मामला गंभीर है. अगर कोई हॉस्पिटल इस तरह की प्लेटलेट्स खरीदकर रोगी को चढ़ाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं अगर कोई बाहर ऐसी प्लेटलेट्स बेचता है तो यह मामला खाद्य और औषधि विभाग में आता है. इसलिए इस पर खाद्य और औषधि विभाग भी कार्रवाई करेगा.

ब्लड बैंक के काउंटर से ही लें प्लेटलेट्स
उर्सला के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एस के मिश्रा ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि ब्लड प्लेटलेट्स पीआरपी ब्लड बैंक के काउंटर से ही लें और उसकी रसीद भी चेक कर लें, क्योंकि बाहरी व्यक्ति से प्लेटलेट्स लेना मरीज की जान के लिए खतरा हो सकता है.

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