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बाराबंकी: दो दिवसीय उद्यम समागम का आयोजन, उत्पादों की लगाई गई प्रदर्शनी. - weaver conference in barabanki

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुए दो दिवसीय उद्यम समागम और एक जनपद एक उत्पाद प्रदर्शनी में हस्तशिल्पियों और बुनकरों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई. वहीं योजनाओं से जुड़ी तमाम जानकारियां भी हासिल की.

दो दिवसीय उद्यम समागम का आयोजन किया गया
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Published : Nov 23, 2019, 11:46 AM IST

बाराबंकी: औद्योगिक विकास की समस्याओं पर चर्चा और छोटे उद्यमियों को प्लेटफार्म मुहैया कराने के मकसद से बाराबंकी में उद्यम समागम और एक जनपद-एक उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में 100 स्टाल लगाए गए थे. इस कार्यक्रम में गैर कृषि क्षेत्र के विकास में बैंकिंग सेक्टर का योगदान, प्रमुख बाधाएं और निदान जिले के हथकरघा उद्योग की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई.

दो दिवसीय उद्यम समागम का आयोजन किया गया

जानें क्या है पूरा मामला-

  • जिले में दो दिवसीय उद्यम समागम और एक जनपद एक उत्पाद प्रदर्शनी लगाई गई.
  • इस कार्यक्रम में गैर कृषि क्षेत्र के विकास में बैंकिंग सेक्टर के योगदान पर चर्चा की गई.
  • साथ ही इस प्रदर्शनी में योजनाओं से जुड़ी तमाम जानकारियां भी लोगों को दी गईं.
  • प्रदर्शनी में बुनकरों का बैंकों द्वारा सहयोग नहीं करना और जीएसटी का दर्द खुलकर सामने आया.
  • बुनकरों का कहना है कि बड़े व्यापारी लाभ ले रहे हैं, लेकिन छोटे बुनकर आज भी बदहाल हैं.

जिले में तकरीबन 55 हजार बुनकर हैं. अधिकांश बुनक हथकरघे से बुनाई का काम करते हैं. सरकार ने इनके द्वारा तैयार होने वाले स्टाल को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के रूप में चुना है. यहां का स्टाल विदेशों तक जाता है. बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग विभाग कई योजनाएं चला रहा है. शासन की मंशा है कि इनको प्रोत्साहित कर इस उद्योग को और बढ़ावा दिया.

बाराबंकी: औद्योगिक विकास की समस्याओं पर चर्चा और छोटे उद्यमियों को प्लेटफार्म मुहैया कराने के मकसद से बाराबंकी में उद्यम समागम और एक जनपद-एक उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में 100 स्टाल लगाए गए थे. इस कार्यक्रम में गैर कृषि क्षेत्र के विकास में बैंकिंग सेक्टर का योगदान, प्रमुख बाधाएं और निदान जिले के हथकरघा उद्योग की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई.

दो दिवसीय उद्यम समागम का आयोजन किया गया

जानें क्या है पूरा मामला-

  • जिले में दो दिवसीय उद्यम समागम और एक जनपद एक उत्पाद प्रदर्शनी लगाई गई.
  • इस कार्यक्रम में गैर कृषि क्षेत्र के विकास में बैंकिंग सेक्टर के योगदान पर चर्चा की गई.
  • साथ ही इस प्रदर्शनी में योजनाओं से जुड़ी तमाम जानकारियां भी लोगों को दी गईं.
  • प्रदर्शनी में बुनकरों का बैंकों द्वारा सहयोग नहीं करना और जीएसटी का दर्द खुलकर सामने आया.
  • बुनकरों का कहना है कि बड़े व्यापारी लाभ ले रहे हैं, लेकिन छोटे बुनकर आज भी बदहाल हैं.

जिले में तकरीबन 55 हजार बुनकर हैं. अधिकांश बुनक हथकरघे से बुनाई का काम करते हैं. सरकार ने इनके द्वारा तैयार होने वाले स्टाल को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के रूप में चुना है. यहां का स्टाल विदेशों तक जाता है. बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग विभाग कई योजनाएं चला रहा है. शासन की मंशा है कि इनको प्रोत्साहित कर इस उद्योग को और बढ़ावा दिया.

Intro:बाराबंकी ,22नवम्बर । बाराबंकी में हुए दो दिवसीय उद्यम समागम और एक जनपद एक उत्पाद प्रदर्शनी में उद्यमियों,हस्तशिल्पियों और बुनकरों ने जहां अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया वहीं योजनाओं से जुड़ी तमाम जानकारियां भी हासिल की । इस दौरान बुनकरों का बैंकों द्वारा सहयोग न करना और जीएसटी की मार का दर्द खुलकर सामने आ गया ।


Body:वीओ- जिले में औद्योगिक विकास की समस्याओं पर चर्चा और छोटे उद्यमियों को प्लेटफार्म मुहैया कराने के मकसद से बाराबंकी में उद्यम समागम और एक जनपद-एक उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में सौ स्टाल लगाए गए थे । कार्यक्रम में गैर कृषि क्षेत्र के विकास में बैंकिंग सेक्टर का योगदान,प्रमुख बाधाएं और निदान,जिले के हथकरघा उद्योग की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई । जिले में तकरीबन 55 हजार बुनकर हैं । जिनमे अधिकांश के पास हथकरघे हैं जिन पर ये लोग बुनाई का काम करते हैं । सरकार ने इनके द्वारा तैयार होने वाले स्टोल को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के रूप में चुना है । यहाँ का स्टोल विदेशों तक जाता है । बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग विभाग कई योजनाएं चला रहा है । शासन की मंशा है कि इनको प्रोत्साहित कर इस उद्योग को और बढ़ावा दिया जाय ताकि जिले का विकास हो और ये लोग आत्मनिर्भर हो सकें । लेकिन तमाम बुनकर जीएसटी और बैंक अधिकारियों के सहयोग न करने से परेशान हैं । बुनकरों का कहना है कि बड़े व्यापारी तो लाभ ले रहे हैं लेकिन छोटे बुनकर आज भी बदहाल हैं ।
हालांकि उद्योग विभाग के संयुक्त कमिश्नर का मानना है कि अब बैंक अधिकारियों का रवैया पहले से ठीक हुआ है ।
बाईट- उमेश चन्द्र , उपायुक्त उद्योग विभाग बाराबंकी
बाईट- मो इकबाल, पीड़ित बुनकर बाराबंकी
बाईट- एचपी सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग, अयोध्या मंडल


Conclusion:रिपोर्ट- अलीम शेख बाराबंकी
9454661740
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