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अवध विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन - अयोध्या हिंदी खबरें

अयोध्या के अवध विश्वविद्याय में नई शिक्षा नीति पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध विवि के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने की. समापन सत्र का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.

दो दिवसीय कार्यशाला का समापन
दो दिवसीय कार्यशाला का समापन
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Published : Jan 20, 2021, 8:17 PM IST

अयोध्या: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में बुधवार को नई शिक्षा नीति पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ. समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नीलिमा कटियार, राज्य मंत्री उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी उत्तर प्रदेश ने कहा कि आज देश समग्रता के साथ आगे बढ़ रहा है. देश के भविष्य सभी को मिलकर अच्छा बनाना है.

'नई शिक्षा नीति में कई पद्धतियों को एक साथ लाया गया'

किसी भी देश की शिक्षा व्यवस्था उस देश के विद्यार्थियों को देखकर पता चल सकती है. उन्होंने बताया कि हम दुनिया की सबसे समृद्ध शिक्षा व्यवस्था के आदर्शों पर चलने जा रहे हैं. जिस प्रकार प्राचीन काल में शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा एक साथ ग्रहण की जाती थी. उसी प्रकार नई शिक्षा नीति में कई शिक्षा पद्धति को एक साथ लाया गया है.

'प्रत्येक आपदा में अवसर देखता है देश'

नीलिमा कटियार ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है. आज भारत प्रत्येक आपदा में संभावना देख रहा है. स्वावलंबी भारत और उभरते हुए भारत की पहचान इस नई शिक्षा नीति में समाहित है. इस नीति का प्रसार जितनी शीघ्रता से किया जाएगा, उसका परिणाम उतनी ही शीघ्रता से प्राप्त होगा. इसके लिए शिक्षकों की भूमिका महत्वूपर्ण हो गई है.

'महापुरुषों के आदर्शों के प्रतिमान का अनुसरण करने की जरुरत'

राज्यमंत्री ने कहा कि एक विद्यार्थी दृढ़ संकल्प करे तभी हम उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ सकेंगे एवं सक्षम बनेंगे. आज जरूरत है उन महापुरूषों के आदर्शों के प्रतिमान का अनुसरण करने की, जो हमें हमारी पहचान से जोड़ते हैं.

'आत्मनिर्भर बनेगा देश'

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अवध विवि के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर देश के लिए नई शिक्षा नीति का अनुसरण करना होगा. समाज के सभी तबके को नई शिक्षा नीति के विविध पहलुओं से परिचित कराने के लिए शिक्षकों एवं छात्रों की भूमिका बढ़ गई है. विश्वविद्यालय ने इसे लागू कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. शीघ्र ही इसके सुखद परिणाम दिखाई देंगे.

कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं

कुलपति प्रो. सिंह ने दो दिवसीय कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दी. अन्य वक्ताओं में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. मनोज अग्रवाल, प्रो. दिनेश कुमार, विवि आईईटी के निदेशक प्रो. रमापति मिश्र ने नई शिक्षा नीति पर अपने विचार रखे. कार्यक्रम विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. चयन कुमार मिश्र ने नई शिक्षा नीति पर अपने विचार रखते हुए आयोजकों को बधाई दी. कार्यक्रम के पहले दिन उद्घाटन सत्र में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के प्रो. पीवी राजीव एवं प्रो. आरएस मिश्र ने संबोधित किया.

अयोध्या: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में बुधवार को नई शिक्षा नीति पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ. समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नीलिमा कटियार, राज्य मंत्री उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी उत्तर प्रदेश ने कहा कि आज देश समग्रता के साथ आगे बढ़ रहा है. देश के भविष्य सभी को मिलकर अच्छा बनाना है.

'नई शिक्षा नीति में कई पद्धतियों को एक साथ लाया गया'

किसी भी देश की शिक्षा व्यवस्था उस देश के विद्यार्थियों को देखकर पता चल सकती है. उन्होंने बताया कि हम दुनिया की सबसे समृद्ध शिक्षा व्यवस्था के आदर्शों पर चलने जा रहे हैं. जिस प्रकार प्राचीन काल में शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा एक साथ ग्रहण की जाती थी. उसी प्रकार नई शिक्षा नीति में कई शिक्षा पद्धति को एक साथ लाया गया है.

'प्रत्येक आपदा में अवसर देखता है देश'

नीलिमा कटियार ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है. आज भारत प्रत्येक आपदा में संभावना देख रहा है. स्वावलंबी भारत और उभरते हुए भारत की पहचान इस नई शिक्षा नीति में समाहित है. इस नीति का प्रसार जितनी शीघ्रता से किया जाएगा, उसका परिणाम उतनी ही शीघ्रता से प्राप्त होगा. इसके लिए शिक्षकों की भूमिका महत्वूपर्ण हो गई है.

'महापुरुषों के आदर्शों के प्रतिमान का अनुसरण करने की जरुरत'

राज्यमंत्री ने कहा कि एक विद्यार्थी दृढ़ संकल्प करे तभी हम उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ सकेंगे एवं सक्षम बनेंगे. आज जरूरत है उन महापुरूषों के आदर्शों के प्रतिमान का अनुसरण करने की, जो हमें हमारी पहचान से जोड़ते हैं.

'आत्मनिर्भर बनेगा देश'

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अवध विवि के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर देश के लिए नई शिक्षा नीति का अनुसरण करना होगा. समाज के सभी तबके को नई शिक्षा नीति के विविध पहलुओं से परिचित कराने के लिए शिक्षकों एवं छात्रों की भूमिका बढ़ गई है. विश्वविद्यालय ने इसे लागू कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. शीघ्र ही इसके सुखद परिणाम दिखाई देंगे.

कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं

कुलपति प्रो. सिंह ने दो दिवसीय कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दी. अन्य वक्ताओं में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. मनोज अग्रवाल, प्रो. दिनेश कुमार, विवि आईईटी के निदेशक प्रो. रमापति मिश्र ने नई शिक्षा नीति पर अपने विचार रखे. कार्यक्रम विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. चयन कुमार मिश्र ने नई शिक्षा नीति पर अपने विचार रखते हुए आयोजकों को बधाई दी. कार्यक्रम के पहले दिन उद्घाटन सत्र में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के प्रो. पीवी राजीव एवं प्रो. आरएस मिश्र ने संबोधित किया.

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