सीकर. सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक गड़बड़ झाले पर सोमवार को सीकर जिला परिषद की बैठक अखाड़ा बन गई. यह मौजूदा कार्यकाल की आखिरी बैठक थी और इसमें सदस्यों को ज्यादा मामले नहीं रखने थे. लेकिन विभाग के अधीक्षण अभियंता के जवाब पर मामला इतना बढ़ा की करीब डेढ़ घंटे तक बैठक अखाड़ा बनी रही. इसी बीच एक बार सदस्यों ने विभाग के अधीक्षण अभियंता के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया तो उसके बाद खुद अधीक्षण अभियंता ने सामने आकर सदस्यों से माफी मांग ली. माफी मांगने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ और कई सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया.
जानकारी के मुताबिक जिला परिषद की पिछली बैठक में यह तय किया गया था कि कॉलेडा सीएचसी के भवन की जांच करवाई जाए. इस भवन की जांच के लिए जिला परिषद के 3 सदस्यों की कमेटी भी बनाई गई थी, जिन सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी. उन्हें सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने साथ नहीं लिया. अपने स्तर पर ही जांच रिपोर्ट भेज दी कि भवन की हालत सही है.
इसको लेकर सोमवार की बैठक में जब सदस्यों ने सवाल उठाए तो विभाग के एसई ने कहा कि उन्हें सदन की प्रोसिडिंग नहीं मिली थी. इस बात पर तो हंगामा और बढ़ गया और सदस्यों ने कहा कि इसके बिना मामले की जांच कैसे हो गई. काफी देर तक हंगामे के बाद सदस्यों ने विभाग के एसई जीसी मीणा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया.
पढ़ेंः Special: देश का भविष्य 'अंधेरे' में, आखिर कब तक ये बच्चे चिमनी की रोशनी में करेंगे पढ़ाई
इसी बीच कुछ सदस्यों ने कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए. इसके बाद उन्होंने बीच में आकर कर माफी मांग ली. लेकिन कुछ सदस्य इस पर भी हंगामा करने लगे और बैठक छोड़कर चले गए. बाद में जिला प्रमुख अपर्णा रोलन खुद बाहर आई और सदस्यों को वापस लेकर गई.