डूंगरपुर. जिले में कोराना महामारी के बीच जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने घटिया निर्माण को अंजाम देते हुए 2 करोड़ 3 लाख रुपए के पनियालाल दरा एनिकट निर्माण के सपने पर पानी फेर दिया. हाल ही तौकते तूफान के कारण हुई बारिश से एनिकट पूरा भर गया, लेकिन कुछ ही दिनों में जगह-जगह हो रहे लीकेज से एनिकट खाली होने लगा तो किसानों को चिंता सताने लगी.
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दरअसल राज्य सरकार ने गामड़ी अहाड़ा क्षेत्र की महिपालपुरा ग्राम पंचायत के वन क्षेत्र में दो करोड़ तीन लाख रुपए के एनिकट की स्वीकृति दी थी. जनवरी माह में विधायक गणेश घोघरा ने एनिकट निर्माण की नींव रखी थी. लॉकडाउन के बीच आनन फानन में निर्माण किया गया और इसकी मुख्य दीवार और साइड की वॉल बनकर तैयार है. इसके बाद ठेकेदार मौके से सामान समेटकर चला गया और किसानों को भी आस बंधी थी कि एनिकट बनने से क्षेत्र का भूजलस्तर सुधरेगा और कुओं में पानी आने से खेती के लिए सिंचाई का जुगाड़ हो जाएगा. लेकिन तौकते तूफान से एनिकट भरा और कुछ ही देर में दो फीट तक खाली हो गया. जिससे किसानों के सपने उनकी आंखों के आगे बह गए.
सबसे दुखद बात यह है कि एनिकट की मुख्य दीवार से पानी के फव्वारे निकल रहे है. वहीं, साइड वॉल से फव्वारे तो निकल रहे, उसकी नींव के नीचे से पानी नदी की तरह बह रहा है तो साफ जाहिर करता है कि नींव के निर्माण में किस कदर लापरवाही बरती गई. अब जब पोल खुल गई तो अधिकारी पूरे मामले में बचाव की मुद्रा में हैं और सफाई देते नजर आ रहे है.
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इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात होने पर कहा कि काम तो अभी पूरा ही नहीं हुआ है, लेकिन इस बात का जवाब नहीं है कि मुख्य दीवार और साइड वॉल जो बनकर तैयार है उसकी नींव से पानी कैसे बह रहा है. इस मामले में क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारो पर कार्रवाई भी अमल में लाई जानी चाहिए.