चितौड़गढ़. कोरोना वायरस के संक्रमण का खौफ अब चित्तौड़गढ़ जिले में हर तरह दिखने लगा है. जहां एक तरफ पर्यटन उद्योग पर इसकी मार है, तो वहीं रेलवे भी इससे अछूता नहीं है. रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में धीरे-धीरे कमी होती जा रही है. आलम यह है कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्री नहीं होने से रेलवे की आय प्रभावित हो रही है. साथ ही यहां व्यवसाय करने वालों को भी ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है. प्लेटफार्म पर खानपान की स्टाल भी सुनी पड़ी हुई है.
जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस के खौफ का असर रेलवे पर भी पड़ा है. बात की जाए चित्तौड़गढ़ जंक्शन की तो एक समय यहां पर प्लेटफॉर्म, टिकट विंडो पर यात्रियों की भारी भीड़ रहती थी. वहीं बुधवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म टिकट विंडो एवं पोर्च में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था और इसके चलते यात्री भार में भारी गिरावट आई है. यात्रियों की संख्या में करीब डेढ़ हजार से अधिक तक का अंतर आ गया है, तो टिकट बिक्री भी प्रभावित हुई है. चितौड़ स्टेशन पर प्रतिदिन की औसत आय टिकट बिक्री से 4 लाख रुपये हैं.
वहीं मंगलवार को 1,72,000 सोमवार को 2,16,000, रविवार को 2,66,000 शनिवार 2,66,000 रुपये की टिकट बिक्री हुई है. आय लगातार घटती जा रही है. वहीं टिकट रिजर्वेशन से प्रतिदिन की औसत आय 80 हजार से 1 लाख रुपये हैं. वहीं मंगलवार को 28 हजार, सोमवार को 65 हजार, रविवार 17 हजार 700, शनिवार को 70 हजार, शुक्रवार को 54 हजार रुपये की आय टिकट रिजर्वेशन से हुई है.
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अब लोग भी कोरोना का लेकर सतर्क हो रहे हैं और घरों से निकलना कम होता जा रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस पर और भी असर पड़ने की संभावना है. रेलवे की ओर से मंगलवार को एक आदेश जारी किया था. इसमें प्लेटफॉर्म टिकट का मूल्य बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया था. इस बारे में जानकारी निकाली गई तो पता चला की मंगलवार और बुधवार दोनों ही दिन एक-एक प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री हुई है.