प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू हुए शेखावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की पहली किश्त का 2000 रुपए किसानों के खातों में डालने के लिए डाटा मांगा है. लेकिन राज्य की गहलोत सरकार ने गलत मंशा से करीब 50 लाख लघु एवं सीमांत किसानों में से महज 1.27 लाख किसानों का ही डाटा भेजा है. इसमें से भी करीब 27 हजार किसानों का रिकॉर्ड आधा-अधूरा दिया गया है, जिससे उनको लाभ नहीं मिल पाया है.
शेखावत ने बताया कि कांग्रेस सरकार की इस नाकामी के चलते प्रदेश के 50 लाख किसानों को पहली किश्त के तौर पर मिलने वाला करीब 1000 करोड़ रुपया नहीं मिल पाया.
देशभर के साढ़े 4 करोड़ किसानों का डाटा मिला केंद्र को- शेखावत
गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 करोड़ 58 लाख, महाराष्ट्र की सरकार ने करीब 58 लाख, छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने करीब 10 लाख किसानों का डाटा केंद्र को भेज भी दिया है. केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि देशभर से करीब 4.50 करोड़ का डेटा मिल चुका है, जिसमें से केंद्र की मोदी सरकार ने करीब 2.75 करोड किसानों के खातों में पहली किश्त पहुंचा भी चुकी है. हालांकि पश्चिम बंगाल की सरकार ने एक भी किसान का डाटा नहीं दिया है.
शेखात ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने 50 लाख किसान परिवारों के पेट पर लात मारी है, जिसका हिसाब किसान आने वाले लोकसभा चुनाव में चुकता कर देगा.