अजमेर. कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन में जवाहर फाउंडेशन एवं पूर्वांचल जन चेतना समिति ने बेसहारा और गरीब लोगों फूड पैकेट सुबह-शाम उपलब्ध करवाने का बीड़ा उठा रखा है. वहीं अब यह संस्थाओं ने गौशालाओं में ही नहीं सड़कों पर भटक रहे गौवंश को भी चारा और गुड़ खिलाना के साथ ही श्वानों को टोस्ट, पक्षियों को दाना और बंदरों को केले प्रति दिन खिलाना शुरू किया हैं.
लॉकडाउन की वजह से गौशालाओं में नित्य दान करने वाले दानदाताओं की संख्या घट गई है, जिसका असर गौशालाओं पर भी पड़ने लगा है. जवाहर फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष और पूर्वांचल जन चेतना समिति चैरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक रिजु झुनझुनवाला के निर्देशानुसार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस आपदा में लॉकडाउन के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गौपालन मंत्री और अजमेर के प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया के आह्वान पर पूर्वांचल जन चेतना समिति के अध्यक्ष राजेंद्र गोयल और अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रताप यादव के नेतृत्व में अजमेर शहर में पशुधन को चारा और गुड़ खिलाया गया है.
पूर्वांचल जन चेतना समिति के पदाधिकारी शिव बंसल ने बताया कि समिति की ओर से पंचशील स्थित कांजी हाउस, लोहागल रोड स्थित श्री पुष्कर गौशाला, पहाड़गंज स्थित श्री सीता गौशाला और शहर में घूम रही गौवंश में 1000 से अधिक गौवंश को 4 टन चारा एवं गुड़ खिलाया गया. टीम जवाहर फाउंडेशन और टीम पूर्वांचल संस्था सामाजिक सरोकारों को इस विकट परिस्थिति में पूरा करने में जुटी हुई है.
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महिला कांग्रेस अध्यक्ष सब्बा खान, सौरभ यादव, शैलेंद्र अग्रवाल, गजेंद्र बोहरा, शैलेश गुप्ता, निक्की तुनवाल, विपुल अग्रवाल, जयंत कंदोई, कन्हैयालाल तुनवाल, मोहित चौहान आदि में अलग-अलग टीम बनाकर अजमेर शहर में गायों को चारा एवं गुड, श्वानो को टोस्ट एवं बंदरों को केले खिलाएं. पूर्वांचल जन चेतना समिति ने लोगों से सभी अपील की है कि भारतीय संस्कृति एवं पौराणिक परंपराओं के अनुसार गौवंश में देवी देवताओं का वास होता है. कोरोना वायरस की प्राकृतिक आपदा में हर सक्षम परिवार को पहली रोटी गाय को देनी चाहिए.