कोटा. प्रदेश के राजस्व मंत्री रामलाल जाट आज कोटा दौरे पर रहे. यहां वह पूर्व सांसद और महाराज बृजराज सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने गए. इसके बाद वे झालावाड़ एक निजी विवाह समारोह में शामिल होने के लिए निकल गए. इससे पूर्व मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने महाराणा प्रताप के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का बचाव करते दिखे.
उन्होंने कहा कि डोटासरा के बयान (Ramlal Jat defended Dotasra statement on Maharana Pratap) के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. महाराणा प्रताप ने अकबर के खिलाफ युद्ध लड़ा तो उनके साथ हकीम खान सूरी उनके सेनापति थे जबकि भाजपा इसे धार्मिक युद्ध बताती है. अफगान की पठान सेना ने इस युद्ध में महाराणा प्रताप का साथ दिया था. पठानी फौज की संख्या भी 5000 थी. यह लड़ाई किसी हिंदू-मुस्लिम की नहीं थी, बल्कि वह युद्ध हिंदुस्तान के गौरव के लिए लड़ा गया था. सत्य हमेशा सत्य ही रहेगा. महाराण प्रताप महान थे, हैं और रहेंगे. बुद्धिजीवी सब बात समझते हैं.
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भाजपा शासन में रेवेन्यू बोर्ड के पद खाली थे, हमारी सरकार ने भरे
राजस्व के लीकेज को आईटी के माध्यम से दुरस्त कर रहे हैं. उनको रोकने का काम डिपार्टमेंट में बनी टीमें करती हैं. कोविड-19 के काल में सरकार को केवल 3 साल में 15 महीने ही काम करने को मिले हैं लेकिन प्रशासन गांवों के संग अभियान में हमने 10 लाख से ज्यादा लोगों को पट्टे बांटे, 15 लाख शुद्धिकरण और 16 लाख नामांतरण कर दिए हैं.
इनमें 22 विभागों के एक साथ जोड़ कर किए हैं. रेवेन्यू बोर्ड में 1976 से ही केसेस पेंडिंग पड़े हुए हैं. तीन-तीन पीढ़ियां लग जाती हैं लोगों को केस फाइनल कराने में लेकिन हमने ऑटोमेशन का काम किया है. मुख्यमंत्री ने नए रेवेन्यू बोर्ड के चेयरमैन और अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी. गाइडलाइन भी दी है ताकि लोगों को जल्दी न्याय मिले. भाजपा शासन में बोर्ड में पद ही खाली थे, हमारे शासन काल में भरे गए हैं.
वकील के बिना भी कर सकेंगे न्यायालय में समझौता
मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि राजस्व मंडल के अधीनस्थ न्यायालय एसडीएम, एडीएम, और आर डबल ए कोर्ट में 4 लाख केसेज पेंडिंग हैं. इसके लिए हमने गांवों में समझौते की स्कीम लाई है. चीफ जस्टिस के साथ चर्चा के बाद में 12 मार्च को लोक अदालत लगा रहे हैं. डोर टू डोर भी मुकदमों को आईडेंटिफाई किया जाएगा. उनकी सूचना देकर उन्हें तुरंत निस्तारण किया जाएगा. लोगों को इसके लिए मोटिवेट भी करेंगे. विभागीय स्तर पर भी प्रोत्साहन की योजना सामने आई है. राजस्व मंडल में 1 महीने में 1000 केस आते हैं जिनमें 400 पेंडिंग रह जाते हैं. केवल 600 मामलों में ही फैसला या निस्तारण हो पाता है.
समझौता स्कीम में भी कानूनी अड़चन आने से निस्तारण नहीं हो पाता है. कभी वकील के नहीं आने या कभी अन्य कारणों से मामला लटक जाता है. ऐसे में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत तय किया गया है कि दोनों पार्टियां समझौता कर सकेंगी और एडवोकेट की आवश्यकता ही नहीं होगी. भ्रष्टाचार के सवाल पर उन्होंने कहा कि जागरूकता से ही यह खत्म हो सकता है. एसीबी ने एक नंबर जारी किया है जिस पर मिस कॉल देने के बाद ही कार्रवाई हो जाती है. मुख्यमंत्री खुद इस विभाग की मॉनिटरिंग करते हैं. व्यक्ति तुरंत शिकायत करे जरूर कार्रवाई की जाएगी.
कांग्रेस शासन में ही होता है कोटा का विकास
मंत्री रामलाल जाट ने यह भी कहा कि कोटा में जब भी कांग्रेस का शासन आता है. यहां विकास की रफ्तार 100 गुना तेज हो जाती है. ऐसा मैं नहीं, पूरा प्रदेश कहता है. यहां पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल जमकर विकास कार्य करवाते हैं. हमारे कई साथी कोटा में रहते हैं, वह भी हमें इस बारे में जानकारी देते हैं. संभाग स्तर पर कोटा का अच्छा नाम हो रहा है. कोटा एजुकेशन का हब है. यहां शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं. यहां थर्मल प्लांट भी है. ऐसे में अब रिवरफ्रंट बनने के बाद पर्यटन भी बढ़ेगा.