ETV Bharat / city

कांग्रेस ने फिर कहा- कोटा नगर निगम चुनाव में होगा केईडीएल को भगाने का मुद्दा - कोटा नगर निगम चुनाव

कोटा में नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस के पर्यवेक्षक शुक्रवार को कोटा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बूंदी रोड स्थित निजी रिसोर्ट में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत की. इस बातचीत के बीच में उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की. जिसमें उन्होंने चुनावी मुद्दों को लेकर चर्चा की.

rajasthan news, kota news
नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस के पर्यवेक्षक ने किया दौरा
author img

By

Published : Oct 17, 2020, 12:20 AM IST

कोटा. नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस के पर्यवेक्षक शुक्रवार को कोटा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बूंदी रोड स्थित निजी रिसोर्ट में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ रायशुमारी की. इस रायशुमारी के बीच में उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की. जिसमें उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के लिए अभी कोई पैरामीटर तय नहीं किए हैं कि किन को टिकट मिलेगा. वार्डों का नया सीमांकन हुआ है, इसके चलते भौगोलिक स्थिति को समझते हुए ही टिकट बांटे जाएंगे.

नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस के पर्यवेक्षक ने किया दौरा

हालांकि कि जब मीडिया ने पूछा कि जो लोग पिछले कार्यकाल में फैल रहे हैं. वहीं आपराधिक रिकॉर्ड वाले भी लोग हैं, उनको टिकट मिलेगा या नहीं. इस पर जवाब देते हुए कांग्रेस की एआईसीसी की सचिव और कोटा की पर्यवेक्षक सोनल पटेल ने कहा कि इसके लिए अभी हम पूरा एनालिसिस करेंगे और ऐसे लोगों को छांटा भी जाएगा.

नगर निगम चुनाव में मुद्दों की बात करते हुए कोटा के प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि विकास ही हमारा पहला मुद्दा है. कांग्रेस शासन में शहर का विकास लगातार करवा रहे हैं, लेकिन जब ईटीवी भारत ने उनसे पुछा कि विधानसभा चुनाव में निजी बिजली कंपनी केईडीएल को कोटा से विदा करने का वादा जनता से किया था. इस पर प्रभारी मंत्री कटारिया ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है.

पढ़ें- मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पूरे अंक लाने का अनूठा रिकॉर्ड, कोटा में पढ़ाई कर रहे छात्र ने लाए 720 में 720 अंक

इसी बीच कोटा शहर जिलाध्यक्ष रविंद्र त्यागी बोलने लगे कि उनका मुद्दा पहले भी केईडीएल को कोटा से भगाने का है और इसके लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है. निजी बिजली कंपनी स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों को लूटा है और उसके खिलाफ हमने चार से पांच एफआईआर भी करवाई है.

लगातार हम कोटा की जनता से किए वादे को पूरा करने में जुटे हुए हैं और इस बार नगर निगम चुनाव में भी यह मुद्दा हमारा रहने वाला है. रविंद्र त्यागी ने कहा कि केईडीएल के मुद्दे पर हम ने आंदोलन किया था और भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी. तब यह निजी बिजली कंपनी कोटा में लाई गई थी. इसके 20 साल के एग्रीमेंट कि हम पूरी स्टडी कर उसे खत्म करने के लिए प्रयास लगातार कर रहे हैं.

कोटा. नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस के पर्यवेक्षक शुक्रवार को कोटा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बूंदी रोड स्थित निजी रिसोर्ट में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ रायशुमारी की. इस रायशुमारी के बीच में उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की. जिसमें उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के लिए अभी कोई पैरामीटर तय नहीं किए हैं कि किन को टिकट मिलेगा. वार्डों का नया सीमांकन हुआ है, इसके चलते भौगोलिक स्थिति को समझते हुए ही टिकट बांटे जाएंगे.

नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस के पर्यवेक्षक ने किया दौरा

हालांकि कि जब मीडिया ने पूछा कि जो लोग पिछले कार्यकाल में फैल रहे हैं. वहीं आपराधिक रिकॉर्ड वाले भी लोग हैं, उनको टिकट मिलेगा या नहीं. इस पर जवाब देते हुए कांग्रेस की एआईसीसी की सचिव और कोटा की पर्यवेक्षक सोनल पटेल ने कहा कि इसके लिए अभी हम पूरा एनालिसिस करेंगे और ऐसे लोगों को छांटा भी जाएगा.

नगर निगम चुनाव में मुद्दों की बात करते हुए कोटा के प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि विकास ही हमारा पहला मुद्दा है. कांग्रेस शासन में शहर का विकास लगातार करवा रहे हैं, लेकिन जब ईटीवी भारत ने उनसे पुछा कि विधानसभा चुनाव में निजी बिजली कंपनी केईडीएल को कोटा से विदा करने का वादा जनता से किया था. इस पर प्रभारी मंत्री कटारिया ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है.

पढ़ें- मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पूरे अंक लाने का अनूठा रिकॉर्ड, कोटा में पढ़ाई कर रहे छात्र ने लाए 720 में 720 अंक

इसी बीच कोटा शहर जिलाध्यक्ष रविंद्र त्यागी बोलने लगे कि उनका मुद्दा पहले भी केईडीएल को कोटा से भगाने का है और इसके लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है. निजी बिजली कंपनी स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों को लूटा है और उसके खिलाफ हमने चार से पांच एफआईआर भी करवाई है.

लगातार हम कोटा की जनता से किए वादे को पूरा करने में जुटे हुए हैं और इस बार नगर निगम चुनाव में भी यह मुद्दा हमारा रहने वाला है. रविंद्र त्यागी ने कहा कि केईडीएल के मुद्दे पर हम ने आंदोलन किया था और भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी. तब यह निजी बिजली कंपनी कोटा में लाई गई थी. इसके 20 साल के एग्रीमेंट कि हम पूरी स्टडी कर उसे खत्म करने के लिए प्रयास लगातार कर रहे हैं.

ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.