जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के निर्यातकों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न प्रकार की छूट देने के निर्णय (State exporters will get many exemptions) को स्वीकृति दे दी है. इस स्वीकृति से (CM Gehlot increased the recharge to 50 percent) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों में दिए सहभागिता शुल्क और ग्राउण्ड रेंट का पुनर्भरण बढ़ाकर 50 प्रतिशत लाभ मिलेगा. नए नियमों में लाभार्थी निर्यातकों का दायरा बढ़ेगा. इसके साथ ही विदेशों में नियुक्त निर्यातकों के प्रतिनिधि मण्डलों को भी पुनर्भरण का लाभ मिलेगा.
ये मिलेगा फायदा
इस स्वीकृति से अनुमोदित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों और व्यवसाय सेवा प्रबंधन (बीएसएम) में भाग लेने पर चुकाए गए ग्राउण्ड रेंट और सहभागिता शुल्क का पुनर्भरण योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाले पुनर्भरण की राशि 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है. छूट बढ़ाने के साथ ही योजना की अवधि भी बढ़ाकर 31 मार्च, 2025 तक कर दी गई है. प्रदेश के निर्यातकों की ओर से विदेश में नियुक्त प्रतिनिधि मण्डल की ओर से अपने उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न आयोजनों में दिए गए सहभागिता शुल्क के पुनर्भरण के लिए राजस्थान निर्यात संवर्द्धन परिषद को 10 लाख रुपए का प्रावधान (exemptions to the state exporters) किया गया है.
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देश विदेश में प्रचार प्रसार होगा सुगम
नए नियमों में राजस्थान निर्यात संवर्द्धन परिषद के अंतर्गत पंजीकृत राजस्थान निवासी निर्यातक जिनके पास एमएसएमई और आईईसी कोड होगा वह योजना का लाभ उठा सकेंगे. इसके साथ ही ‘मिशन निर्यातक बनो’ के अंतर्गत पंजीकृत निर्यातक जिन्होंने मिशन के लॉन्च के बाद निर्यात शुरू किया हो और आरईपीसी के अंतर्गत पंजीकृत हों वह भी नए नियमों के अनुसार छूट के पात्र होंगे. संशोधित नियमों से जहां एक तरफ प्रदेश के निर्यातकों को अपने उत्पादों का देश और विदेश में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोजनों में प्रदर्शन एवं प्रचार-प्रसार में सुगमता होगी, वहीं सहभागिता शुल्क और ग्राउण्ड रेंट में छूट बढ़ने से वित्तीय राहत भी मिलेगी.