भीलवाड़ा. कोरोना के कारण भीलवाड़ा शहर में महा कर्फ्यू लगा है. जिससे गरीब और कमठाना मजदूरों को रोजगार और खाने-पीने की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. कई मजदूर ऐसे है जिनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है. ऐसे कमठाना मजदूरों का दर्द जब ईटीवी भारत पर गंभीरता से प्रकाशित किया गया तब जिला प्रशासन हरकत में आया. जिसके बाद जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट के निर्देश पर हुरड़ा तहसीलदार को मजदूरों के पास उनकी समस्या जानने भेजा.
जहां हुरड़ा तहसीलदार ने मजदूरों का हाल जाना. साथ ही क्षेत्र के समाजसेवी हनुवंत सिंह राठौड़ भी ईटीवी भारत पर मजदूरों की खबर देखकर मजदूरों के पास पहुंचे और उन्हें भोजन बनाने के लिए संपूर्ण सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई. भीलवाड़ा में मजदूरों की ऐसी हालत हो गई थी की मजदूर 2 जून की रोटी के लिए खेतों में छोड़े गए एक-एक दाने को चुन कर अपना पेट भर रहे थे. इनकी इस समस्या को ईटीवी भारत पर देखने के बाद जिला प्रशासन ने हुरड़ा तहसीलदार को मजदूरों का दर्द जानने धरातल पर भेजा.
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वहीं क्षेत्र के समाजसेवी हनुवंत सिंह राठौड़ अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने मजदूरों को भोजन बनाने के लिए राशन सामग्री निशुल्क दी. हनुवंत सिंह राठौड़ ने अब तक 200 मजदूरों को ऐसे निशुल्क किट उपलब्ध करवाए हैं. राशन मिलने के बाद मजदूर गंगा देवी ने कहा कि जब ईटीवी भारत ने हमारी समस्या को प्रमुखता से दिखाया तब प्रशासन ने भी हमारी सुध ली और क्षेत्र के समाजसेवी हनुवंत सिंह राठौड़ भी कार्यकर्ताओं के साथ आए और हमे खाने का सामान दिया.
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वहीं सामाजिक कार्यकर्ता हनुवंत सिंह राठौड़ ने कहा कि मैं अपने कार्यकर्ता के साथ प्रत्येक गांव में जा रहे हुं और निशुल्क राशन सामग्री उपलब्ध करवा रहे हुं. साथ ही कहा कि अगर क्षेत्र में कोई और मजदूर हो तो हमे फोन करें. जिससे हम उनको भी राशन उपलब्ध करवा सकें.