भीलवाड़ा. प्रदेश के कई इलाकों में मानसून सक्रिय होने के साथ ही कुछ जगह नदी में पानी की बढ़त के साथ कई बांधों में पानी की आवक भी शुरू हो चुकी है. लेकिन भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले के 120 बांध अभी भी पानी का इंतजार कर रहे हैं. जहां अभी तक 161 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, वहां भी बांधों में महज 3.01 प्रतिशत पानी ही आया है. ये गत वर्ष की तुलना में इस समय तक काफी कम है.
भीलवाड़ा सिंचाई विभाग के अंतर्गत भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले के कई बांध अभी भी पानी (Bhilwara and chittorgarh Dams) का इंतजार कर रहे हैं. बारिश नहीं होने के कारण दोनों जिले से गुजरने वाली बनास, कोठारी, मनाली, गंभीरी नदी में पानी की आवक नहीं हुई है. गत वर्ष वर्षा ऋतु के बाद इस बार मई माह तक बांधो में 4.6 प्रतिशत पानी बचा था. वहीं इस वर्ष 15 जून बाद हुई वर्षा से सभी बांधो में एवरेज 3 प्रतिशत पानी की आवक हुई है.
भीलवाड़ा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्यपाल मीणा ने कहा कि भीलवाड़ा सिंचाई विभाग के अंतर्गत भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले आते हैं. दोनों जिलों में कुल 120 बांध स्थित हैं, जिसमें भीलवाड़ा जिले में 60 और चित्तौड़गढ़ जिले में भी 60 बांध स्थित हैं. भीलवाड़ा चित्तौड़गढ़ जिले में एवरेज 690 मिलीमीटर वार्षिक वर्षा होती है. इसकी तुलना में इस साल में अब तक 161 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जिससे बांधों में 3.08 प्रतिशत पानी आया है. फिलहाल दोनों जिलों के बांधों में 7.08 प्रतिशत पानी उपलब्ध हैं.
पढ़ें. Monsoon in Banswara : बारिश की अच्छी शुरुआत, पानी निकासी के लिए खोले गए बांधों के गेट
भीलवाड़ा सिचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्यपाल मीणा ने कहा कि वर्षा ऋतु को देखते हुए भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले में एईएन व जेईएन को फील्ड में मौजूद रहने के लिए पाबंद किया है. साथ ही समय-समय पर सभी बांधों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए.