अजमेर. परबतपुरा बाईपास पर स्थित खालसा पेट्रोल पंप पर हुए हादसे में 3 लोगों की मौत और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश था. ग्रामीणों ने एचपीसीएल कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृत आश्रितों एवं घायलों को मुआवजा देने की मांग की. अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण सुबह से ही एचपीसीएल के बाहर धरने पर बैठे थे. शाम को एचपीसीएल और ग्रामीणों के बीच समझौता होने से मामला शांत हो गया है.
जानकारी के मुताबिक ग्रामीण मृत आश्रितों और घायलों को मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए और एचपीसीएल के डिपो के बाहर धरना लगाकर बैठ गए. सरपंच राजेंद्र गैना और हेमेंद्र टांक ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे थे. ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए सीओ ग्रामीण मांगलियावास थाना प्रभारी एसडीएम अवधेश मीणा और तहसीलदार प्रीति राठौड़ मौके पर पहुंची. इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री नसीम अख्तर के पति इंसाफ अख्तर भी मौके पर पहुंचे. जहां ग्रामीणों के साथ समझाइश की गई, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे.
इधर एचपीसीएल कंपनी के पदाधिकारियों ने बैठक आयोजित कर ग्रामीणों के साथ समझौते की पेशकश की. समझौते में प्रत्येक मृत आश्रितों को 15 लाख रुपए, ईएसआई के तहत वेतन का 90 फीसदी बतौर पेंशन बुजुर्ग माता-पिता को एवं परिजन में से एक को एचपीसीएल में समकक्ष नौकरी देने पर सहमति बनी है. साथ ही घायलों को 2-2 लाख रुपए एवं उनके इलाज का खर्चा कंपनी वाहन करेगी.
जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में तीन प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी विषय विशेषज्ञ के साथ मिलकर हादसे की जांच करेगी. बता दें कि हादसे के तुरंत बाद सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को एक एक लाख और घायलों को 20-20 हजार के चेक सहायता राशि दिए गए थे. जिसे परिजनों ने लेने से इंकार कर दिया था. समझौता होने के बाद मामला शांत हो गया है.