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डूंगरपुर में 'बाल विवाह को कहें ना' अभियान शुरू, लोगों को किया गया जागरूक - बाल विवाह को कहें ना अभियान शुरू

डूंगरपुर में बाल विवाह को रोकने और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिला न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कार्यशाला का आयोजन किया. इस दौरान ‘बाल विवाह को कहें ना' अभियान की शुरुआत की गई है.

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डूंगरपुर में बाल विवाह को रोकने के लिए 'बाल विवाह को कहें ना' अभियान शुरू
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Published : Apr 4, 2021, 7:19 PM IST

डूंगरपुर. जिले में बाल विवाह को रोकने और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश भंवरलाल बुगालिया की अध्यक्षता में ’’बाल विवाह को कहें ना‘‘ अभियान की शुरुआत की गई. अभियान की शुरुआत करते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश भंवरलाल बुगालिया, मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायाधीश गोपाल बिजोरीवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अमित सहलोत, न्यायिक मजिस्ट्रेट साक्षी शर्मा, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष हितेन्द्र पटेल, सचिव पुष्कर चौबीसा, हृदय संस्थान संस्थापक ब्रिजेश कुमार सोमपुरा एवं हृदय संस्थान सचिव नीता सोमपुरा “भारतीय” ने बाल विवाह को कहें ना अभियान के पोस्टर का विमोचन किया.

जिला एवं सेशन न्यायाधीश भंवरलाल बुगालिया ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के बचपन, किशोरावस्था और शिक्षा के अवसर को छीनता है. बाल विवाह से बच्चों का शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक तथा भावानात्मक विकास पूर्ण रूप से नहीं हो पाता है. वे परिपक्वता के अभाव के कारण शिक्षा एवं अर्थपूर्ण कार्यों से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना बहुत जरूरी है, जो कि सामुहिक प्रयासों से ही संभव हो सकता है. हमें बाल विवाह का विरोध करते हुए बेटियों को शिक्षित बनाना होगा, ताकि एक बेहतर समाज की नींव रखी जा सके. इस मौके पर बुगालिया ने जिलेभर में बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्यरत हृदय संस्थान के कार्यो की सराहना की.

यह भी पढ़ें- कामां: लूट मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के दिए आदेश

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अमित सहलोत ने अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई होने के साथ ही कानूनन अपराध भी है. बाल विवाह को रोककर ही हम बच्चों के भविष्य को संवार सकते हैं. इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और हृदय संस्थान डूंगरपुर द्वारा स्थानीय स्तर पर "म्हारी दिकरी योजना" के माध्यम से जिले में बालिका समिति का गठन करके विविध गतिविधियों का संचालन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यदि जिले में कहीं भी बाल विवाह होने जा रहा हो तो उसकी सूचना सम्बन्धित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस थाने में दी जा सकती है. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति जिला कंट्रोल रूम 02964-232262, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में स्थापित नियंत्रण कक्ष 02964-294822, 830600211, हृदय संस्थान के हेल्पलाइन नम्बर 7357755771 पर भी सूचना दे सकता है. अंत में हृदय संस्थान सचिव नीता सोमपुरा ने आभार व्यक्त किया.

डूंगरपुर. जिले में बाल विवाह को रोकने और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश भंवरलाल बुगालिया की अध्यक्षता में ’’बाल विवाह को कहें ना‘‘ अभियान की शुरुआत की गई. अभियान की शुरुआत करते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश भंवरलाल बुगालिया, मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायाधीश गोपाल बिजोरीवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अमित सहलोत, न्यायिक मजिस्ट्रेट साक्षी शर्मा, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष हितेन्द्र पटेल, सचिव पुष्कर चौबीसा, हृदय संस्थान संस्थापक ब्रिजेश कुमार सोमपुरा एवं हृदय संस्थान सचिव नीता सोमपुरा “भारतीय” ने बाल विवाह को कहें ना अभियान के पोस्टर का विमोचन किया.

जिला एवं सेशन न्यायाधीश भंवरलाल बुगालिया ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के बचपन, किशोरावस्था और शिक्षा के अवसर को छीनता है. बाल विवाह से बच्चों का शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक तथा भावानात्मक विकास पूर्ण रूप से नहीं हो पाता है. वे परिपक्वता के अभाव के कारण शिक्षा एवं अर्थपूर्ण कार्यों से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना बहुत जरूरी है, जो कि सामुहिक प्रयासों से ही संभव हो सकता है. हमें बाल विवाह का विरोध करते हुए बेटियों को शिक्षित बनाना होगा, ताकि एक बेहतर समाज की नींव रखी जा सके. इस मौके पर बुगालिया ने जिलेभर में बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्यरत हृदय संस्थान के कार्यो की सराहना की.

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अमित सहलोत ने अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई होने के साथ ही कानूनन अपराध भी है. बाल विवाह को रोककर ही हम बच्चों के भविष्य को संवार सकते हैं. इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और हृदय संस्थान डूंगरपुर द्वारा स्थानीय स्तर पर "म्हारी दिकरी योजना" के माध्यम से जिले में बालिका समिति का गठन करके विविध गतिविधियों का संचालन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यदि जिले में कहीं भी बाल विवाह होने जा रहा हो तो उसकी सूचना सम्बन्धित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस थाने में दी जा सकती है. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति जिला कंट्रोल रूम 02964-232262, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में स्थापित नियंत्रण कक्ष 02964-294822, 830600211, हृदय संस्थान के हेल्पलाइन नम्बर 7357755771 पर भी सूचना दे सकता है. अंत में हृदय संस्थान सचिव नीता सोमपुरा ने आभार व्यक्त किया.

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