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टाइगर प्रदेश में फिर बाघ की मौत, सवालों के घेरे में वन विभाग ! - Sanjay Tiger Reserve Sidhi

सीधी में बुधवार को संजय टाइगर रिजर्व के एक वयस्क बाघ की मौत हो गयी. घटना के बाद पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की जानाकरी मिलेगी.

Sidhi
बाघ की मौत
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Published : Dec 21, 2020, 9:29 AM IST

सीधी। जिले के संजय टाइगर रिजर्व में एक बाघ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिससे संजय टाइगर रिजर्व विभाग में हड़कंप मच गया. जहां वन विभाग ने मृत बाघ का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया है, वहीं पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे वन विभाग पूछताछ कर रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा, इसकी जानकारी वन विभाग के डीएफओ ने दी है.

टाइगर प्रदेश में फिर बाघ की मौत

मध्य प्रदेश बाघों के लिए जाना जाता है, जहां खुले में बाघ विचरण करते हैं. सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में भी अनेक बाग मौजूद हैं. जिनमें से बुधवार को एक वयस्क बाघ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिसकी वजह से विभाग में खलबली मच गई. बांधवगढ़ से डॉक्टरों की टीम ने मृतक का पोस्टमार्टम किया और वन विभाग द्वारा बाघ का अंतिम संस्कार किया गया.

वहीं वन विभाग ने पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है और सभी से पूछताछ की जा रही है. वन विभाग के डीएफओ ने बताया की आशंका है कि कहीं बाघ की शिकारियों ने हत्या तो नहीं कर दी है, जिसके चलते ही 5 लोगों से पूछताछ की जा रही है. पूरे मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा.

बहरहाल बाघ की मौत संदिग्ध हालात में हुई है जिसका पोस्टमार्टम किया गया है, लेकिन कहीं न कहीं इस बाघ की मौत को लेकर शिकारियों का हाथ हो सकता है. ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है. जिन पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है उनके बयानों के बाद ही स्थिति साफ होगी. देखना अब यह होगा कि बाघ की मौत का राज कब तक खुल पाता है.

ये भी पढ़े-बर्फीली हवाओं ने मध्यप्रदेश में बढ़ाई ठंड, ठिठुरा पूरा प्रदेश, राजधानी में गिरा तापमान

बाघों की मौत के मामले में एमपी अव्वल

2018 कि बाघों की गणना में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 526 बाघ पाए गए थे, इसके चलते प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला था. सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि प्रदेश में अब सबसे ज्यादा बाघों की मौत हो रही है. अक्टूबर माह तक प्रदेश में 22 बाघों की मौत हो चुकी है. इनमें ज्यादातर की मौत टेरिटोरियल फाइट में हुई है. बाघों की मौत के मामले में दूसरे राज्यों के मुकाबले मध्य प्रदेश कही आगे हैं. कर्नाटक में 2018 में 524 बाघ मिले थे, यहां इस साल अक्टूबर माह तक सिर्फ 8 बाघों की मौत हुई है. इसी तरह उत्तराखंड में तीन महाराष्ट्र में 11 और उत्तर प्रदेश में सात बाघों की मौत हुई है. बाघों की मौत के अलावा प्रदेश के बांधवगढ़ में ग्रामीणों पर बाघों की हमले भी बढ़े हैं.

सीधी। जिले के संजय टाइगर रिजर्व में एक बाघ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिससे संजय टाइगर रिजर्व विभाग में हड़कंप मच गया. जहां वन विभाग ने मृत बाघ का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया है, वहीं पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे वन विभाग पूछताछ कर रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा, इसकी जानकारी वन विभाग के डीएफओ ने दी है.

टाइगर प्रदेश में फिर बाघ की मौत

मध्य प्रदेश बाघों के लिए जाना जाता है, जहां खुले में बाघ विचरण करते हैं. सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में भी अनेक बाग मौजूद हैं. जिनमें से बुधवार को एक वयस्क बाघ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिसकी वजह से विभाग में खलबली मच गई. बांधवगढ़ से डॉक्टरों की टीम ने मृतक का पोस्टमार्टम किया और वन विभाग द्वारा बाघ का अंतिम संस्कार किया गया.

वहीं वन विभाग ने पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है और सभी से पूछताछ की जा रही है. वन विभाग के डीएफओ ने बताया की आशंका है कि कहीं बाघ की शिकारियों ने हत्या तो नहीं कर दी है, जिसके चलते ही 5 लोगों से पूछताछ की जा रही है. पूरे मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा.

बहरहाल बाघ की मौत संदिग्ध हालात में हुई है जिसका पोस्टमार्टम किया गया है, लेकिन कहीं न कहीं इस बाघ की मौत को लेकर शिकारियों का हाथ हो सकता है. ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है. जिन पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है उनके बयानों के बाद ही स्थिति साफ होगी. देखना अब यह होगा कि बाघ की मौत का राज कब तक खुल पाता है.

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बाघों की मौत के मामले में एमपी अव्वल

2018 कि बाघों की गणना में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 526 बाघ पाए गए थे, इसके चलते प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला था. सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि प्रदेश में अब सबसे ज्यादा बाघों की मौत हो रही है. अक्टूबर माह तक प्रदेश में 22 बाघों की मौत हो चुकी है. इनमें ज्यादातर की मौत टेरिटोरियल फाइट में हुई है. बाघों की मौत के मामले में दूसरे राज्यों के मुकाबले मध्य प्रदेश कही आगे हैं. कर्नाटक में 2018 में 524 बाघ मिले थे, यहां इस साल अक्टूबर माह तक सिर्फ 8 बाघों की मौत हुई है. इसी तरह उत्तराखंड में तीन महाराष्ट्र में 11 और उत्तर प्रदेश में सात बाघों की मौत हुई है. बाघों की मौत के अलावा प्रदेश के बांधवगढ़ में ग्रामीणों पर बाघों की हमले भी बढ़े हैं.

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