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MP Sheopur नशे के आदी युवक का पैसे न देने पर हंगामा, मां से की मारपीट, जान देने की भी कोशिश की - मेडिकल नशे के आदी युवक

श्योपुर के विजयनगर में मेडिकल नशे के आदी युवक अपनी मां से नशा खरीदने के लिए पैसों की मांग कर रहा था. मां ने पैसे देने से मना किया तो युवक बिफर गया और मां से ही मारपीट कर डाली. युवक ने इस दौरान आत्महत्या करने का प्रयास भी किया, लेकिन घर में मौजूद सदस्यों ने उसकी कोशिश सफल नहीं होने दी. (Youth tried to hang himself) मामला विजयपुर नगर थाना इलाके के वार्ड 2 का है. यहां के कई युवा नशे की लत के शिकार हैं. इलाके में मेडिकल नशे (नशे की गोलियों और सीरप) का कारोबार करने वाले मेडिकल संचालक इन्हें आसानी से नशीली ड्रग्स उपलब्ध करा रहे हैं. (Medical drugs in youth) दूसरी तरफ नशे की लत के चलते कई परिवार बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गए हैं.

Youth tried to hang himself for not giving money medical drugs
मेडिकल नशे के लिए पैसे न देने पर युवक फांसी लगाने की कोशिश
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Published : Dec 13, 2022, 5:55 PM IST

Updated : Dec 13, 2022, 6:54 PM IST

श्योपुर। अमन खान और उसका भाई आर्यन मेडिकल नशे के आदी हैं. ये रोजाना मेडिकल नशे के लिए परिजनों से रुपयों की मांग करते हैं. नहीं देने पर जमकर हंगामा करते हैं और अपने मां-बाप के साथ मारपीट तक कर देते हैं. मंगलवार को अमन ने रुपये के लिए घर पर हंगामा किया. रुपये नहीं मिले तो उसने अपनी मां के साथ मारपीट कर दी. इसके बाद भी मां ने नशे के लिए रुपये नहीं दिए तो अमन ने आत्महत्या करने की कोशिश की. जिससे मजबूर होकर मां को बेटे की नशे की लत पूरी करने के लिए पैसे देने पड़े.

मेडिकल नशे के लिए पैसे न देने पर युवक फांसी लगाने की कोशिश

कई घरों की यही कहानी : यह अकेले अमन और उसके भाई या एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि विजयपुर के कई घरों में यही हाल है. जहां अमन के घर की तरह ही हर रोज हंगामा होता है. पैसे ने मिलने पर युवा अपने परिजनों को प्रताड़ित करने को भी तैयार हो जाते हैं, दूसरी तरफ मेडिकल की आड़ में नशीली दवाएं और ड्रग्स के कारोबारियों को न किसी की जान की परवाह है और न ही जिम्मेदारों को बढ़ते मेडिकल नशे से कोई फर्क पड़ रहा है. विजयपुर के वार्ड 2 में रहने वाले अमन और आर्यन बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इनके पिता नसीर खान पंचर की दुकान लगाकर दिन भर में 200-300 रुपये मुश्किल से कमाते हैं. एक भाई अयान कपड़े की दुकान पर 3 हजार रुपए महीने में नौकरी करता है. दोनों की कमाई से इस महंगाई में गुजारा भी मुश्किल से हो पाता है. ऐसे में नशे की लत पूरी करने के लिए आए दिन घर में ऐसे हालात बनते हैं

इंदौर में मेडिकल सेंटर्स और दवा खरीदने वालों के लिए गाइडलाइन जारी, क्या हैं ये नियम

मेडिकल नशे का कारोबार करने वाले मौज में : नशे के आदि हो चुके बच्चों की लत पूरी करने के लिए इस परिवार को पाई पाई जोड़ना मुश्किल है. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद तंग हैं, लेकिन, बेटों की जिंदगी की खातिर वे उन्हें नशा उपलब्ध कराने को मजबूर हैं. ईटीवी भारत की पड़ताल में विजयपुर में खुलेआम चल रहे मेडिकल नशे के कारोबार का खुलासा 4 दिन पहले दिखाई गई खबर में किया था. लेकिन जिम्मेदारों ने अभी तक इसपर कोई एक्शन नहीं लिया है. अमन और आर्यन की मां और भाई का कहना है कि मेडिकल नशे के आदी होने की वजह से अमन और आर्यन की जिंदगी बर्बाद हो गई है. उनकी इस लत की वजह से पूरा परिवार परेशान है. सुबह से नशे के लिए रुपये मांगते हैं. नहीं देने पर हंगामा और मारपीट करते हैं. अब तो आत्महत्या का प्रयास भी करने लगे हैं. हमारी मांग है कि मेडिकल नशा पूरी तरह से बंद हो. दूसरी तरफ खबर का असर मेडिकल संचालकों पर होता दिखाई दिया है. उन्होंने चोरी छुपे नशीली ड्रग्स को बेचना जारी रखा है. अब इसके दाम भी बढ़ा दिए हैं.

श्योपुर। अमन खान और उसका भाई आर्यन मेडिकल नशे के आदी हैं. ये रोजाना मेडिकल नशे के लिए परिजनों से रुपयों की मांग करते हैं. नहीं देने पर जमकर हंगामा करते हैं और अपने मां-बाप के साथ मारपीट तक कर देते हैं. मंगलवार को अमन ने रुपये के लिए घर पर हंगामा किया. रुपये नहीं मिले तो उसने अपनी मां के साथ मारपीट कर दी. इसके बाद भी मां ने नशे के लिए रुपये नहीं दिए तो अमन ने आत्महत्या करने की कोशिश की. जिससे मजबूर होकर मां को बेटे की नशे की लत पूरी करने के लिए पैसे देने पड़े.

मेडिकल नशे के लिए पैसे न देने पर युवक फांसी लगाने की कोशिश

कई घरों की यही कहानी : यह अकेले अमन और उसके भाई या एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि विजयपुर के कई घरों में यही हाल है. जहां अमन के घर की तरह ही हर रोज हंगामा होता है. पैसे ने मिलने पर युवा अपने परिजनों को प्रताड़ित करने को भी तैयार हो जाते हैं, दूसरी तरफ मेडिकल की आड़ में नशीली दवाएं और ड्रग्स के कारोबारियों को न किसी की जान की परवाह है और न ही जिम्मेदारों को बढ़ते मेडिकल नशे से कोई फर्क पड़ रहा है. विजयपुर के वार्ड 2 में रहने वाले अमन और आर्यन बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इनके पिता नसीर खान पंचर की दुकान लगाकर दिन भर में 200-300 रुपये मुश्किल से कमाते हैं. एक भाई अयान कपड़े की दुकान पर 3 हजार रुपए महीने में नौकरी करता है. दोनों की कमाई से इस महंगाई में गुजारा भी मुश्किल से हो पाता है. ऐसे में नशे की लत पूरी करने के लिए आए दिन घर में ऐसे हालात बनते हैं

इंदौर में मेडिकल सेंटर्स और दवा खरीदने वालों के लिए गाइडलाइन जारी, क्या हैं ये नियम

मेडिकल नशे का कारोबार करने वाले मौज में : नशे के आदि हो चुके बच्चों की लत पूरी करने के लिए इस परिवार को पाई पाई जोड़ना मुश्किल है. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद तंग हैं, लेकिन, बेटों की जिंदगी की खातिर वे उन्हें नशा उपलब्ध कराने को मजबूर हैं. ईटीवी भारत की पड़ताल में विजयपुर में खुलेआम चल रहे मेडिकल नशे के कारोबार का खुलासा 4 दिन पहले दिखाई गई खबर में किया था. लेकिन जिम्मेदारों ने अभी तक इसपर कोई एक्शन नहीं लिया है. अमन और आर्यन की मां और भाई का कहना है कि मेडिकल नशे के आदी होने की वजह से अमन और आर्यन की जिंदगी बर्बाद हो गई है. उनकी इस लत की वजह से पूरा परिवार परेशान है. सुबह से नशे के लिए रुपये मांगते हैं. नहीं देने पर हंगामा और मारपीट करते हैं. अब तो आत्महत्या का प्रयास भी करने लगे हैं. हमारी मांग है कि मेडिकल नशा पूरी तरह से बंद हो. दूसरी तरफ खबर का असर मेडिकल संचालकों पर होता दिखाई दिया है. उन्होंने चोरी छुपे नशीली ड्रग्स को बेचना जारी रखा है. अब इसके दाम भी बढ़ा दिए हैं.

Last Updated : Dec 13, 2022, 6:54 PM IST
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