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मूक बधिर बच्चों की जिंदगी बदल देगी कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी, सुन और बोल सकेंगे कार्तिक और गणेश - मूक-बधिर

खंडवा में मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत दो मूक- बधिर बच्चों का इलाज सरकार द्वारा नि:शुल्क कराया गया. दोनों बच्चे कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के बाद अब अपनों की बातें सुन सकेंगे.

मूक बधिर बच्चों की जिंदगी बदल देगी कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी
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Published : Oct 4, 2019, 9:21 PM IST

खंडवा। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत जिले के गोलारी गांव के एक ही परिवार के दो बच्चे कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की जाएगी. ऑपरेशन सफल होने पर दोनों अपने परिजनों की बातें सुन सकेंगे. इस योजना में जन्म से ही मूक बधिर बच्चों का इलाज किया जाता है. शासन की ओर से एक बच्चे के लिए 6 लाख की यह सर्जरी बिल्कुल निशुल्क होती है.

मूक बधिर बच्चों की जिंदगी बदल देगी कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी

ग्राम गोलारी निवासी सोनू गायकवाड़ के दो बेटे हैं, गणेश और कार्तिक जन्म से ही मूक- बधिर हैं. जिसके बाद बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां आरबीएसके की टीम की मदद से परिवार को इलाज की प्रक्रिया समझाई और आगे की प्रक्रिया शुरू की गई. इलाज में लगने वाला 13 लाख रुपय का खर्चा मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत उठाया जाएगा, यानी इलाज का खर्च सरकार देगी. भोपाल के दिव्य ईएनटी अस्पताल में दोनों बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी करवाई गई. जिला चिकित्सालय में ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर अनिरुद्ध कौशल का कहना है कि कॉक्लियर इम्प्लांट की सफल सर्जरी के बाद बच्चे ठीक हैं. बच्चों को लगभग एक वर्ष तक स्पीच थैरेपी लेनी होगी.

खंडवा। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत जिले के गोलारी गांव के एक ही परिवार के दो बच्चे कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की जाएगी. ऑपरेशन सफल होने पर दोनों अपने परिजनों की बातें सुन सकेंगे. इस योजना में जन्म से ही मूक बधिर बच्चों का इलाज किया जाता है. शासन की ओर से एक बच्चे के लिए 6 लाख की यह सर्जरी बिल्कुल निशुल्क होती है.

मूक बधिर बच्चों की जिंदगी बदल देगी कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी

ग्राम गोलारी निवासी सोनू गायकवाड़ के दो बेटे हैं, गणेश और कार्तिक जन्म से ही मूक- बधिर हैं. जिसके बाद बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां आरबीएसके की टीम की मदद से परिवार को इलाज की प्रक्रिया समझाई और आगे की प्रक्रिया शुरू की गई. इलाज में लगने वाला 13 लाख रुपय का खर्चा मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत उठाया जाएगा, यानी इलाज का खर्च सरकार देगी. भोपाल के दिव्य ईएनटी अस्पताल में दोनों बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी करवाई गई. जिला चिकित्सालय में ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर अनिरुद्ध कौशल का कहना है कि कॉक्लियर इम्प्लांट की सफल सर्जरी के बाद बच्चे ठीक हैं. बच्चों को लगभग एक वर्ष तक स्पीच थैरेपी लेनी होगी.

Intro:खंडवा - मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना ने एक परिवार के 2 बच्चों की ज़िंदगी बदल दी. कॉकलियर इम्प्लांट सर्जरी से जिले के गोलारी गाँव के सोनू गायकवाड़ के 2 बेटों गणेश और कार्तिक का सफलतापूर्वक भोपाल के दिव्य ईएनटी अस्पताल से ऑपरेशन करवाकर नया जीवन दिया है. सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के माध्यम से 13 लाख रुपये खर्च को बिल्कुल मुफ्त करवाया गया.

Body:वैसे तो सरकार की कई महत्वपूर्ण योजना चल रही है पर जो योजना बच्चो को नया जीवन दे उसकी बात ही अलग है. ऐसी ही एक महत्वपूर्ण योजना है मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना. इसमे जन्म से ही मूक बधिर बच्चो का इलाज किया जाता है. शासन की ओर से 6 लाख का इलाज बिल्कुल निशुल्क होता है.

योजनाओं का सही उपयोग यदि जरूरतमंद परिवारों को मिलने लगे तो समझो सरकार और तंत्र सही दिशा में काम कर रहा है. सोनू गायकवाड़ जिले के ग्राम गोलारी निवासी एक गरीब परिवार है. सोनू गायकवाड़ का बेटा गणेश का जन्म हुआ तो वह बोल और सुन नही सकता था , परिवार ने ईश्वर की मर्जी समझकर संतुष्ट हो गए , पर जब कार्तिक भी ऐसा हुआ तो परिवार के लोग बहुत दुखी हो गए. तभी मसीहा बनकर आरबीएसके की टीम को इनके घर पहुंची और इसी टीम की मदद से परिवार को इलाज की प्रक्रिया समझाई और आगे की प्रक्रिया शुरू की.

Byte - सोनू गायकवाड़, पिता

सोनू गायकवाड़ और उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नही रहा जब जिला चिकित्सालय से पता चला कि उनके बच्चों का इलाज संभव है. सोनू इनका इलाज तो करवाना चाहता था पर खर्च इतना था कि हिम्मत हार गया. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आरबीएसके की टीम ने हिम्मत दी. उन्होंने इस महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना की जानकारी दी.

Byte - विनोद पंवार , समन्वयक बाल किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम

भोपाल के दिव्य ईएनटी अस्पताल में कॉक्लियर इम्प्लांट करवाने के बाद सोनू सरकार का धन्यवाद करते नही थकता वह कहता है कि मेरे जैसे गरीब के पास 13 लाख रुपये कहा से आते.

वही जिला चिकित्सालय में ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर अनिरुद्ध कौशल की माने तो बच्चे अब ठीक है बस अब इन्हें स्पीच थैरेपी लगभग एक वर्ष तक लेनी होगी. जन्म से गूंगे बहरे बच्चे कम ही पैदा होते है. इनके लिए मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना बनाई गई है. मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत अभी तक 2016 से 23 बच्चो का कॉकलियर इम्प्लांट करवाया गया है. जन्म से गूंगे बहरे बच्चो के लिए सरकार की मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना बनाई गई है जो खण्डवा जिले में सफलतापूर्वक चल रही हैं.

Byte - डॉ अनिरुद्ध कौशल, ईएनटी जिला अस्पताल खंडवा

Conclusion:खंडवा में कॉक्लियर इम्प्लांट और स्पीच थैरेपी की व्यवस्था नही होने से गरीब परिवार को काफी तकलीफो का सामना करना पड़ता है. इसलिए ये परिवार सरकार की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देखते है कि जल्द जल्द खण्डवा में भी शुरू करवाया जाए.
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