भोपाल। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के मामलों में समन्वय की जिम्मेदारी दो दिग्गज नेताओं को सौंपी है. लोकसभा के दो पूर्व स्पीकर शिवराज पाटिल और मीरा कुमार अब मध्य प्रदेश से संबंधित तमाम मामले देखेंगे. जिनमें संगठन और सरकार में समन्वय, संगठन के लोगों को दिए जाने वाले सरकारी पदों की सिफारिश के अलावा अनुशासन से जुड़े मामले होंगे.
प्रमुख रूप से इन दोनों नेताओं को संगठन और सरकार में ऐसा समन्वय बनाकर चलना होगा, जो पार्टी के लिए भविष्य में लाभकारी साबित हो. सीएम कमलनाथ के लिहाज से भी यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि उनकी वरिष्ठता के हिसाब से समन्वय की भी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को भी सौंपी गई है.
लोकसभा के दो पूर्व स्पीकर संभालेंगे एमपी कांग्रेस का जिम्मा, AICC ने सौंपी जिम्मेदारी - take charge of MP Congress
AICC ने मध्यप्रदेश के मामलों में समन्वय की जिम्मेदारी लोकसभा के दो पूर्व स्पीकरों को सौंपी है. अब पूर्व स्पीकर शिवराज पाटिल और मीरा कुमार यह जिम्मेदारी संभालेंगे.

भोपाल। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के मामलों में समन्वय की जिम्मेदारी दो दिग्गज नेताओं को सौंपी है. लोकसभा के दो पूर्व स्पीकर शिवराज पाटिल और मीरा कुमार अब मध्य प्रदेश से संबंधित तमाम मामले देखेंगे. जिनमें संगठन और सरकार में समन्वय, संगठन के लोगों को दिए जाने वाले सरकारी पदों की सिफारिश के अलावा अनुशासन से जुड़े मामले होंगे.
प्रमुख रूप से इन दोनों नेताओं को संगठन और सरकार में ऐसा समन्वय बनाकर चलना होगा, जो पार्टी के लिए भविष्य में लाभकारी साबित हो. सीएम कमलनाथ के लिहाज से भी यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि उनकी वरिष्ठता के हिसाब से समन्वय की भी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को भी सौंपी गई है.
Body:कांग्रेसी सूत्रों की माने तो पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मप्र से संबंधित मामले सुलझाने की जिम्मेदारी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और शिवराज पाटिल को सौंपी है।सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के साथ इन दिग्गज नेताओं की चर्चा भी हो चुकी है। सूत्रों की माने तो अनुशासन से जुड़े बड़े मामले, सत्ता और संगठन में समन्वय, निगम मंडल में संगठन के पदाधिकारियों की नियुक्ति, मंत्रिमंडल विस्तार जैसे प्रमुख मामले जिनमें मुख्यमंत्री और पार्टी संगठन को एआईसीसी और राष्ट्रीय अध्यक्ष से समन्वय करना होता है। यह काम अब मीरा कुमार और शिवराज पाटिल करेंगे। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश से जुड़े लंबित मामले अब तेजी से निपटाए जाएंगे। चाहे वह अनुशासन से जुड़े मामले हो या फिर संगठन और सरकार से जुड़े मामले हो।
इन दो दिग्गज नेताओं की नियुक्ति के बाद कांग्रेस संगठन में चर्चा है कि सबसे पहले यह दोनों दिग्गज नेता उमंग सिंगार और दिग्विजय सिंह विवाद पर फैसला लेंगे। दरअसल विवाद के बाद एआईसीसी ने यह मामला अनुशासन समिति को सौंप दिया था। एके एंटोनी इस पूरे मामले की जांच पूरी कर एआईसीसी को रिपोर्ट सौंप दी है। सोनिया गांधी ने यह रिपोर्ट मीरा कुमार और शिवराज पाटिल को अध्ययन के लिए भेजी है। इस रिपोर्ट में ए के एंटोनी ने गुण और दोष के आधार पर जहां अनुशासन को लेकर परामर्श दिए। वही कार्रवाई की भी सिफारिश की है।
Conclusion:इस मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री राजीव सिंह का कहना है कि हाईकमान का यह सराहनीय कदम है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने बहुत ही वरिष्ठ नेताओं को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी है। क्योंकि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ भी कांग्रेस की राजनीति का बढ़ा कद है। वह देश के सीनियर नेता हैं। मैं समझता हूं कि मीरा कुमार और शिवराज पाटिल को जो जिम्मेदारी सौंपी है वह अच्छा कदम है।