उज्जैन। जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन से महाकाल की नगरी पहुंचे मोहन भागवत ने इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना की. 22 तारीख तक मोहन भागवत के इस्कॉन मंदिर में ही कार्यक्रम रहेंगे. मोहन भागवत ने इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण का पूजन-अभिषेक किया और आरती की. भागवत आराधना भवन और चिंतामन पर नवनिर्मित भवन विद्या भारती का उद्घाटन करेंगे, वहीं महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में भी शामिल होंगे.
मोहन भागवत ने इस्कॉन मंदिर में भगवान के दर्शन किए
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक ने सुबह इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण, सुदामा और बलराम के साथ-साथ नरसिंह भगवान का पूजन-अभिषेक किया. मोहन भागवत इस्कॉन मंदिर में ही रुके हुए हैं, वे संघ की बैठक के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भी उपस्थित रहेंगे. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आने की भी संभावना है.
उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में कृष्ण भगवान के अलग-अलग रूप
उज्जैन मंदिर में तीन गर्भगृह हैं. जिनमें गोपियों, बलराम और कृष्ण और निताई गौर (कृष्ण और बलराम के अवतार) के साथ भगवान कृष्ण और राधा की मूर्तियां हैं. उज्जैन में भगवान श्री कृष्ण ने भाई बलराम और दोस्त सुदामा के साथ शिक्षा अर्जित की थी, इसलिए इस्कॉन मंदिर का भी अपना एक महत्व बढ़ जाता है. आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने इस्कॉन मंदिर में भगवान के गर्भ गृह में जाकर पूजन-अभिषेक किया. मोहन भागवत 22 तारीख तक उज्जैन में रहेंगे और अलग-अलग आयोजनों में शामिल होंगे.
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