छिंदवाड़ा। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने गृह जिले से संचालित होने वाली नियमित रेल सेवा, निर्माणाधीन रेल परियोजनाओ के लिये बजट आवंटन व छिंदवाड़ा जंक्शन से होकर नयी ट्रेनों के आवागमन के संदर्भ मे केंद्रीय रेलमंत्री पीयुष गोयल को 3 पत्र लेखे हैं. कमलनाथ ने पत्र लिखकर कर उन्हे वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुये जल्द कार्य पूर्ण किये जाने का आग्रह किया है.
छिंदवाड़ा से चलने वाली ट्रेन पुनः प्रारंभ की जाएं
कमलनाथ ने केंद्रीय रेलमंत्री को प्रेषित अपने पहले पत्र में बताया कि कोरोन काल में छिंदवाड़ा से दिल्ली सराय रोहिल्ला के बीच चलने वाली पाटालकोट एक्सप्रेस, छिंदवाडा से भोपाल होकर इंदौर तक जानेवाली पंचवैली एक्सप्रेस, छिंदवाड़ा -आमला-बैतूल के बीच चलने वाली पैसेजर ट्रेन बंद कर दी गई थी, जिन्हें फिर से चालू किया जाए.
कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट बदले जाएं
कमलनाथ ने अपने दूसरे पत्र के माध्यम से रेलमंत्री को अवगत कराया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के अंतर्गत छिंदवाड़ा -नागपुर ब्रांडगेज का काम पूर्ण हो चुका है. रेल्वे सेफ्टी भी मिल गई है. ऐसे में नागपुर-बैतूल-आमला मार्ग पर चलनेवाली कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को नागपुर-छिंदवाड़ा -परासिया-आमला और उसके बाद भोपाल-दिल्ली मार्ग पर भी डायवर्ट किया जाए, जिससे क्षेत्र और रेल्वे का भी विकास हो सके.
छिंदवाड़ा -मंडला फोर्ट परियोजना को मिले पर्याप्त निधी का आवंटन हो
पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने रेलमंत्री को एक और पत्र लिख कर अवगत कराया कि मंडला फोर्ट पर चल रहे ब्रांडगेज का काम काफी समय से चल रहा है. कमलनाथ ने पत्र में बताया कि छिंदवाड़ा और नागपुर के साथ नैनपुर तथा मंडला और उसके बाद जबलपुर से जुडे आदिवासी जिलो के विकास मे यह परियोजना बहुत ही सफल सिद्ध होगी होगी. इस लिए इसमें आ रही बजट की कमी पूरी की जाए, जिससे यह परियोजना जल्द पूरी हो सके और आदिवासी जिलों को लाभ मिल सके.
बता दें छिंदवाड़ा -नागपुर ब्राडगेज, छिंदवाड़ा -नैनपुर मंडला फोर्ट व छिंदवाड़ा -नागपुर विधुतीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाये कमलनाथ के अथक प्रयासो से स्वीकृत व निर्माण के साथ कार्य पूर्णतः की ओर है. कमलाथ ने क्षेत्र के लिए सडक व रेल यातायात के माध्यम से लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया है. वर्तमान मे रेल यात्रियो को हो रही असुविधा और लंबित कार्यो की शीघ्र पूर्णतः को लेकर चिंतित कमलनाथ ने केंद्रीय रेलमंत्री को पत्र लिखे इन मांगों पर जोर दिया है.