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व्यापार की समस्याओं के समाधान के लिए गठित होगी कमेटी, मुख्य सचिव होंगे अध्यक्षः सीएम कमलनाथ - कान्फेडरेशन ऑफ एमपी फॉर इंडस्ट्रीज सर्विस एंड ट्रे़ड

राजधानी भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित व्यापार से जुड़े एक कार्यक्रम में सीएम कमलनाथ ने बताया कि मध्यप्रदेश के व्यापार, व्यवसाय और छोटे उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सुझावों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित होगी.

कार्यक्रम में सीएम कमलनाथ
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Published : Oct 23, 2019, 2:54 AM IST

भोपाल। राजधानी के मिंटो हाल में कॉन्फेडरेशन ऑफ एमपी फॉर इंडस्ट्रीज सर्विस एंड ट्रे़ड (कम्पिस्ट) समारोह का आयोजन किया गया, इस आयोजन में सीएम कमलनाथ ने व्यापारियों को संबोधित किया. कार्यक्रम में व्यापारियों ने अपनी समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया. व्यापार को किस तरह प्रदेश में बढ़ाया जा सकता है, उसके लिए भी वक्ताओं के विचार सुने गए. प्रदेशभर से आए सभी उद्योगपतियों ने प्रशासन को सहयोग करने की अपील की है.


इस अवसर पर मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश के व्यापार, व्यवसाय और छोटे उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सुझावों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित होगी. ये कमेटी समय-समय पर व्यापारियों के प्रतिनिधियों से संवाद कर समस्याओं का समाधान करेगी. उन्होंने कहा कि हम देश-दुनिया और अपने आसपास हो रहे परिवर्तनों को पहचानें, तभी हम प्रगति कर सकते हैं.

कॉन्फेडरेशन ऑफ एमपी फॉर इंडस्ट्रीज सर्विस एंड ट्रे़ड
मुख्यमंत्री ने व्यापार-व्यवसाय के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की. इस मौके पर सीएम को प्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए टीएस पाली ने 5 लाख एक हजार रुपये का चेक भेंट किया.


मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के व्यापार-व्यवसाय और छोटे उद्योगों का मध्यप्रदेश के विकास, अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने एवं आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान है. उन्होंने कहा कि परिवर्तन को हम कैसे पहचाने और कैसे अपनाएं, यह हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है, आज से बीस साल पहले जो बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं, वो अब नहीं हैं क्योंकि उन्होंने बदलाव की बयार को नहीं पहचाना. वो कंपनियां जो समय के साथ आगे बढ़ीं, उन्होंने एक मुकाम हासिल किया.


कमलनाथ ने ऊबर और ओला कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि कम समय में इन्होंने व्यापार-व्यवसाय के क्षेत्र में जो तरक्की की है, उसके पीछे मूल कारण था इन्होंने परिवर्तन के दौर को पहचाना और सफलता पाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शासन-प्रशासन को भी परिवर्तनों से जोड़ना चाहते हैं. इस दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं. अगर हमने सरकार चलाने की कार्य-प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया तो विकास के मामले में हम पिछड़ जाएंगे.


मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमने हर स्तर पर बदलाव का प्रयास किया है. मेग्नीफिसेंट एमपी के जरिए एक वातावरण का निर्माण किया है, जिसके माध्यम से निवेशकों का विश्वास हमें हासिल हुआ है. पिछले साढ़े सात माह के कार्यकाल में हमने तंत्र की उन छोटी-छोटी दिक्कतों को पहचाना है, जिनके कारण निवेशकों को परेशानी थी.

भोपाल। राजधानी के मिंटो हाल में कॉन्फेडरेशन ऑफ एमपी फॉर इंडस्ट्रीज सर्विस एंड ट्रे़ड (कम्पिस्ट) समारोह का आयोजन किया गया, इस आयोजन में सीएम कमलनाथ ने व्यापारियों को संबोधित किया. कार्यक्रम में व्यापारियों ने अपनी समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया. व्यापार को किस तरह प्रदेश में बढ़ाया जा सकता है, उसके लिए भी वक्ताओं के विचार सुने गए. प्रदेशभर से आए सभी उद्योगपतियों ने प्रशासन को सहयोग करने की अपील की है.


इस अवसर पर मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश के व्यापार, व्यवसाय और छोटे उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सुझावों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित होगी. ये कमेटी समय-समय पर व्यापारियों के प्रतिनिधियों से संवाद कर समस्याओं का समाधान करेगी. उन्होंने कहा कि हम देश-दुनिया और अपने आसपास हो रहे परिवर्तनों को पहचानें, तभी हम प्रगति कर सकते हैं.

कॉन्फेडरेशन ऑफ एमपी फॉर इंडस्ट्रीज सर्विस एंड ट्रे़ड
मुख्यमंत्री ने व्यापार-व्यवसाय के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की. इस मौके पर सीएम को प्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए टीएस पाली ने 5 लाख एक हजार रुपये का चेक भेंट किया.


मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के व्यापार-व्यवसाय और छोटे उद्योगों का मध्यप्रदेश के विकास, अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने एवं आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान है. उन्होंने कहा कि परिवर्तन को हम कैसे पहचाने और कैसे अपनाएं, यह हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है, आज से बीस साल पहले जो बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं, वो अब नहीं हैं क्योंकि उन्होंने बदलाव की बयार को नहीं पहचाना. वो कंपनियां जो समय के साथ आगे बढ़ीं, उन्होंने एक मुकाम हासिल किया.


कमलनाथ ने ऊबर और ओला कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि कम समय में इन्होंने व्यापार-व्यवसाय के क्षेत्र में जो तरक्की की है, उसके पीछे मूल कारण था इन्होंने परिवर्तन के दौर को पहचाना और सफलता पाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शासन-प्रशासन को भी परिवर्तनों से जोड़ना चाहते हैं. इस दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं. अगर हमने सरकार चलाने की कार्य-प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया तो विकास के मामले में हम पिछड़ जाएंगे.


मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमने हर स्तर पर बदलाव का प्रयास किया है. मेग्नीफिसेंट एमपी के जरिए एक वातावरण का निर्माण किया है, जिसके माध्यम से निवेशकों का विश्वास हमें हासिल हुआ है. पिछले साढ़े सात माह के कार्यकाल में हमने तंत्र की उन छोटी-छोटी दिक्कतों को पहचाना है, जिनके कारण निवेशकों को परेशानी थी.

Intro:छोटे उद्योगों ,व्यवसाय, व्यापार की समस्याओं के समाधान के लिए गठित होगी मुख्य सचिव अध्यक्षता में कमेटी = मुख्यमंत्री

भोपाल | राजधानी के मिंटो हाल में कान्फेडरेशन ऑफ एम.पी. फॉर इंडस्ट्रीज सर्विस एंड ट्रे़ड (कम्पिस्ट) समारोह का आयोजन किया गया इस आयोजन में व्यापारियों को संबोधित करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे . कार्यक्रम की शुरुआत कीदीप प्रज्वलित कर की गई .कार्यक्रम के दौरान आए हुए व्यापारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया साथ ही व्यापार को किस तरह प्रदेश में बढ़ाया जा सकता है उसके लिए भी आए हुए वक्ताओं के विचार सुने गए प्रदेशभर से आए सभी उद्योगपतियों ने प्रशासन को सहयोग करने की अपील की है .

मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए व्यापार-व्यवसाय के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की. इस मौके पर मुख्यमंत्री कमल नाथ को प्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए टी.एस.पाली ने 5 लाख एक हजार रुपये का चैक भेंट किया.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश के व्यापार, व्यवसाय और छोटे उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सुझावों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित होगी .यह कमेटी समय-समय पर व्यापारियों, व्यवसायियों के प्रतिनिधियों से संवाद कर समस्याओं का समाधान करेगी. उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता है कि हम देश-दुनिया और अपने आसपास हो रहे परिवर्तनों को पहचानें, तभी हम प्रगति कर सकते हैं.



Body:मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के व्यापार-व्यवसाय और छोटे उद्योगों का मध्यप्रदेश के विकास, अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने एवं आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान है. उनके बगैर हम प्रदेश के समग्र विकास की कल्पना नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि परिवर्तन को हम कैसे पहचानें और कैसे अपनाएं, यह हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि आज से बीस साल पहले जो बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं, वो अब नहीं हैं क्योंकि उन्होंने बदलाव की बयार को नहीं पहचाना. वो कंपनियाँ जो समय के साथ आगे बढ़ीं,उन्होंने एक मुकाम हासिल किया. कमल नाथ ने ऊबर और ओला कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि कम समय में इन्होंने व्यापार-व्यवसाय के क्षेत्र में जो तरक्की की है,उसके पीछे मूल कारण था इन्होंने परिवर्तन के दौर को पहचाना और सफलता पाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शासन-प्रशासन को भी परिवर्तनों से जोड़ना चाहते हैं. इस दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं .अगर हमने सरकार चलाने की कार्य-प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया तो विकास के मामले में हम पिछड़ जाएंगे .

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमने हर स्तर पर बदलाव का प्रयास किया है. मेग्नीफिसेंट एम.पी. के जरिए एक वातावरण का निर्माण किया है, जिसके माध्यम से निवेशकों का विश्वास हमें हासिल हुआ है. पिछले साढ़े सात माह के कार्यकाल में हमने तंत्र की उन छोटी-छोटी दिक्कतों को पहचाना है,जिनके कारण निवेशकों को परेशानी थी. उन्होंने उदाहरण दिया कि अतिरिक्त भूमि होने के बाद भी उस पर अन्य उद्योग न चला पाना और सबलीज जैसे प्रावधानों को हमने हटाया. इसके कारण लोगों का सरकार पर भरोसा बना है . कमल नाथ ने बताया कि कृषि, निवेश, पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र में हमने महत्वपूर्ण प्रयास शुरु किए हैं. इनसे हमारी आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी.

Conclusion:मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि विकास और रोजगार के लिए परकेपिटा इन्कम और जीडीपी ग्रोथ रेट से ज्यादा जरुरी है लोगों के पास डिस्पोजेबल इन्कम हो . उन्होंने कहा कि मनरेगा और ग्रामीण सड़क योजना का मूल उद्देश्य था कि गांवों में पैसा पहुँचे और लोगों की क्रय शक्ति बढ़े . इससे ही हम आर्थिक विकास कर पायेंगे .उन्होंने कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने विभिन्न संसाधनों के जरिए उत्पादन तो बढ़ा दिया लेकिन बढ़े हुए उत्पादन का उपयोग कैसे होगा, उससे किसानों को कैसे फायदा पहुँचेगा, इस पर हमने ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण किसानों के साथ हमारी अर्थ व्यवस्था भी कमजोर हुई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक समस्याओं का मूल कारण आर्थिक समस्या है. इसका समाधान हमने ढूँढ़ लिया, तो हम सामाजिक समस्याओं पर नियंत्रण पा लेंगे . कमल नाथ ने कहा कि छोटे व्यापार, व्यवसाय, उद्योग का विकास हो, यह राज्य सरकार की मंशा है. तंत्र के कारण व्यापार, व्यवसाय, उद्योग के विकास में जो दिक्कतें हैं, उन्हें जानने की हमारी अपेक्षा है .हम नहीं चाहते कि किसी को अपना समय शासन-प्रशासन के चक्कर काटने में बर्बाद करना पड़े .यह समय व्यापार-व्यवसाय और अपने काम करने में उपयोग हो, ऐसा वातावरण हम प्रदेश में बनाना चाहते हैं. सरकार प्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए तत्पर है . हम सबके साथ मिलकर मध्यप्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं .
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