पश्चिमी सिंहभूमः जिले में मनरेगा योजना अंतर्गत बागवानी कार्यक्रम का पश्चिमी सिंहभूम जिला समन्वयक सरफराज आलम ने मंगलवार को भौतिक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मझगांव प्रखंड अंतर्गत पडसा पंचायत और नयागांव पंचायत में निर्मित 10 मनरेगा योजना अंतर्गत बागवानी कार्यक्रम का भी निरीक्षण किया, जिसमें बागवानी योजना के लाभुकों को निर्देश दिया गया कि बागवानी क्षेत्र की घेराबंदी बेहतर तरीका से करें, ताकि घेराबंदी से ही लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा की जा सकें.
सरकार का उद्देश्य है कि बेहतर तरीके से बागवानी
मनरेगा योजना अंतर्गत बागवानी कार्यक्रम के निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक सरफराज आलम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है की बेहतर तरीके से बागवानी हो, जिसके लिए समय से योजना कार्य को पूर्ण करना है. सभी लाभुकों को कहा गया कि समय पर और सही तरीके से कार्य को पूर्ण कर योजना को सफल बनाना है. जिला समन्वयक ने मनरेगा बीपीओ को निर्देश दिया कि अब तक बागवानी योजना के तहत जिन स्थलों का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है तो उसे अविलंब पूर्ण करें और जलकुंड गड्ढे का मापदंड सही तरीके से हो.
इसे भी पढ़ें- झारखंड के मनरेगाकर्मी 3 दिन की हड़ताल पर, मांग पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी
बागवानी क्षेत्र की अच्छी तरीके से घेराबंदी
जिला समन्वयक ने बताया कि झारखंड सरकार की महत्वकांक्षी योजना बागवानी है, क्योंकि कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन से क्षेत्र के मजदूर दूसरे राज्यों से अपने अपने गांव वापस आ चुके हैं. सरकार ने उन्हें अपने गांव में ही रोजगार मुहैया करवाने के लिए बागवानी योजना का शुभारंभ किया गया है, ताकि उन्हें अपने गांव में रोजगार मिल सके और वह दूसरे राज्यों में पलायन न करें. इसके अलावा बागवानी योजना से लाभुक कुछ ही वर्षों में अच्छा फल बाजार में बेच मुनाफा कमा सकते हैं. इसके लिए सभी लाभुक योजना को सफल बनाने के लिए बागवानी क्षेत्र का अच्छी तरीके से घेराबंदी करें, ताकि मवेशी आदि लगाए जाने वाले पौधों को नुकसान न पहुंचाए. मौके पर मनरेगा योजना के बीपीओ कनीय अभियंता और पंचायत मुखिया उपस्थित थे.