सिमडेगा: जिले के पाकरटांड प्रखंड के हाट बाजार में जतरा मेले का आयोजन किया गया. जिसमें तरह-तरह के खेल, तमाशे और पुतली नृत्य सहित मिठाइयां आदि की दुकानें सजी रही, जिसका लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया.
लोग उठाते हैं मेले का भरपूर लुत्फ
हर साल सरस्वती पूजा के बाद पहले रविवार को आयोजित होने वाले इस जतरा मेले में पाकरटांड पंचायत के अलावा आस-पड़ोस के अन्य पंचायतों और प्रखंडों से भारी संख्या में लोग यहां घूमने आते हैं और मेले का भरपूर लुत्फ उठाते हैं.
परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है यह मेला
यहां के बुजुर्गों का कहना है कि जतरा मेला उनकी परंपरा और संस्कृति का एक हिस्सा है. पूर्व के दशकों में जतरा मेला का काफी प्रचलन हुआ करता था, लेकिन बदलते समय और परिवेश के साथ अब इसका प्रचलन कम होता जा रहा है, जिसे बचाए रखने की आवश्यकता है.
मनोरंजन के हैं कई साधन
वहीं, यहां के ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के मनोरंजन के लिए मेले में तरह-तरह के कार्यक्रम दिखलाए जाते हैं, जिसके माध्यम से छोटी-छोटी कहानियां और अच्छे संदेशों को लोगों तक पहुंचाया जाता है.