ETV Bharat / state

सरायकेलाः चांडिल डैम विस्थापितों ने अहिंसा दिवस पर जल सत्याग्रह कर मांगा हक और अधिकार - चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों

सरायकेला के चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों ने गांधी जयंती अथवा विश्व अहिंसा दिवस के अवसर एक दिवसीय जन जल सत्याग्रह किया. इस मौके पर स्वर्णरेखा डैम में सैकड़ों की संख्या में विस्थापित शामिल हुए.

विस्थापित
author img

By

Published : Oct 2, 2019, 6:11 PM IST

सरायकेलाः जिले के चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों के हक अधिकार के लिए गांधी जयंती अथवा विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर विस्थापितों ने विस्थापित मुक्ति वाहिनी के बैनर तले एक दिवसीय जन जल सत्याग्रह किया.

देखें पूरी खबर

यह भी पढ़ें- 19 अक्टूबर से रांची में फिर चढ़ेगा क्रिकेट फीवर, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा टेस्ट मैच

सैकड़ों की संख्या में विस्थापित शामिल

इस कार्यक्रम में स्वर्णरेखा डैम में सैकड़ों की संख्या में विस्थापित शामिल हुए. विस्थापित के पूर्व घोषित कार्यक्रम के द्वारा 29 अगस्त को पुनर्वास अधीक्षक कार्यालय के पास धरना प्रदर्शन किया गया था, जिसमें 6 सूत्री मांगों को लेकर विभाग को अल्टीमेटम दिया गया था. उस पर कार्रवाई नहीं करने पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में विस्थापितों ने जन जल सत्याग्रह कर सरकार को चेताया कि उनकी मांगों को पर पहल नहीं करती है तो 2020 जनवरी से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करने को बाध्य होंगे. विस्थापितों ने सरकार के समक्ष मांग की है कि 2003 विस्थापित नीति, 2012 विस्थापित नीति के आधार पर मुआवजा, सभी 18 पुनर्वास स्थलों का सीमांकन, पुनर्वास स्थल में आवंटित भूखंडों का मालिकाना हक, सभी विस्थापितों को स्पेशल पैकेज दिया जाए.

सरायकेलाः जिले के चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों के हक अधिकार के लिए गांधी जयंती अथवा विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर विस्थापितों ने विस्थापित मुक्ति वाहिनी के बैनर तले एक दिवसीय जन जल सत्याग्रह किया.

देखें पूरी खबर

यह भी पढ़ें- 19 अक्टूबर से रांची में फिर चढ़ेगा क्रिकेट फीवर, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा टेस्ट मैच

सैकड़ों की संख्या में विस्थापित शामिल

इस कार्यक्रम में स्वर्णरेखा डैम में सैकड़ों की संख्या में विस्थापित शामिल हुए. विस्थापित के पूर्व घोषित कार्यक्रम के द्वारा 29 अगस्त को पुनर्वास अधीक्षक कार्यालय के पास धरना प्रदर्शन किया गया था, जिसमें 6 सूत्री मांगों को लेकर विभाग को अल्टीमेटम दिया गया था. उस पर कार्रवाई नहीं करने पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में विस्थापितों ने जन जल सत्याग्रह कर सरकार को चेताया कि उनकी मांगों को पर पहल नहीं करती है तो 2020 जनवरी से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करने को बाध्य होंगे. विस्थापितों ने सरकार के समक्ष मांग की है कि 2003 विस्थापित नीति, 2012 विस्थापित नीति के आधार पर मुआवजा, सभी 18 पुनर्वास स्थलों का सीमांकन, पुनर्वास स्थल में आवंटित भूखंडों का मालिकाना हक, सभी विस्थापितों को स्पेशल पैकेज दिया जाए.

Intro:सरायकेला के चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों के हक अधिकार के लिए गांधी जयंती व विश्व अहिंसा दिवस पर विस्थापितों अवसर पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी के बैनर तले एक दिवसीय जन जल सत्याग्रह किया गया ।Body:इस कार्यक्रम में स्वर्णरेखा डैम में सैकड़ों की संख्या में विस्थापित शामिल हुए । विस्थापित के पूर्व घोषित कार्यक्रम के द्वारा 29 तारीख अगस्त को पुनर्वास अधीक्षक कार्यालय का धरना प्रदर्शन किया गया था । जिसमें 6 सूत्री मांगों को लेकर विभाग को अल्टीमेटम दिया गया था । उस पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर विस्थापित मुक्ति वाहिनी के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में स्वर्णरेखा डैम में विस्थापितो ने जन जल सत्याग्रह कर सरकार को चेताया कि उनकी मांगों को पर पहल नहीं करती है तो 2020 जनवरी से अनिश्चित कालीन सत्याग्रह आन्दोलन करने को बाध्य होगें । विस्थापितों ने सरकार के समक्ष 2003 विस्थापित नीति 2012 विस्थापित नीति के आधार पर मुआवजा की तय किया जाए । सभी 18 पुनर्वास स्थलों का सीमांकन किया जाय। पुनर्वास स्थल में आवंटित भूखंडों का मालिकाना हक दिया जाए । सभी विस्थापितों को स्पेशल पैकेज दिया जाए ।


Conclusion:वही विस्थापितों का कहना है कि की सरकार जल कर वसूल की है परंतु विस्थापितों का उसका लाभ नहीं मिल रही है । लेकिन स्वर्णरेखा डैम के जलकर का आधा अधिकार विस्थापितो को दिया जाए। स्थानीय कंपनियों में विस्थापितों को योग्यता के आधार पर नौकरी दिया जाए ।


बाईट - कपूर बागी , संयोजक , विस्थापित मुक्ति वाहिनी .


बाईट - विपिन कुमार ,अधीक्षक अभियंता , स्वर्णरेखा परियोजना ..(पिंक शर्ट में )

ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.