रांचीः भाजपा विधायक सीपी सिंह की सुरक्षा हटाए जाने को लेकर राजनीति गर्मा गई है. भाजपा ने इसे सरकार की बदले की राजनीति करार दिया है, तो वहीं सत्ताधारी दल कांग्रेस ने कहा है कि उन्हें सुरक्षा की जरूरत नहीं है.
क्योंकि वह घर से मोरहाबादी और मोरहाबादी मैदान से घर जाते हैं. पिछले कई दशकों से उन्होंने किसी भी लॉ एंड ऑर्डर की बिगड़ती स्थिति के दौरान शहर की सड़कों पर निकलने की जहमत तक नहीं उठाई हैं.
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे ने कहा कि अगर पूर्व मंत्रियों को भी बॉडीगार्ड दिया जाते रहे तो कांग्रेस के इतने पूर्व मंत्री हैं कि अगर उनका सम्मेलन कराया जाए तो मोरहाबादी मैदान भर जाएगा.
सुरक्षा आम जनमानस की जरूरत है, लेकिन पिछले 5 वर्षों के भाजपा शासनकाल में छुटभैया नेताओं को भी दो से तीन बॉडीगार्ड मुहैया कराए गए थे, जबकि जिन्हें जरूरत है उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए थी.
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उन्होंने कहा कि सीपी सिंह विधायक हैं. ऐसे में सरकार विधायक होने के नाते उस अनुसार सुरक्षा का इंतजाम करेगी और ज्यादा परेशानी होगी तो कांग्रेस कार्यकर्ता उनके लिए हमेशा तैयार रहेंगे. सीपी सिंह को ग्रामीण क्षेत्र में जाना नहीं होता है. ऐसे में सरकार और प्रशासन ने जो निर्णय लिया है. वह बिल्कुल सही है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर घर की शोभा बढ़ाने की मंशा कहीं से सही नहीं है.
बता दें कि पूर्व मंत्री और विधायक सीपी सिंह के डिप्टीपाड़ा स्थित सरकारी आवास से सुरक्षा हटा ली गई है. इसको लेकर सीपी सिंह ने कहा है कि उन्हें इसका कोई अफसोस नहीं है. लेकिन लगता है सरकार दुर्भावना से काम कर रही है. सरकार के काम में राजनीतिक विद्वेष झलक रहा है. उन्होंने यह भी कहा है कि वह अपना अंगरक्षक भी हटाने पर विचार कर रहे हैं और जल्द ही सरकार को वापस कर देंगे.