ETV Bharat / state

10 सूत्री मांग को लेकर आंगनबाड़ी सेविकाओं की हड़ताल, कहा- मांग पूरी नहीं होने पर करेंगी आत्मदाह - Anganwadi workers strike

लातेहार में आंगनबाड़ी सेविकाएं अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई हैं. उन्होंने सीएम रघुवर दास और सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. मांग पूरी नहीं होने पर सेविकाओं ने आत्मदाह करने की बात कही है.

आंगनबाड़ी सेविकाओं की हड़ताल
author img

By

Published : Aug 22, 2019, 7:01 PM IST

लातेहार: एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर जिले में आंगनबाड़ी सेविकाएं हड़ताल पर बैठ गई हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास और सरकार पर तानाशाही करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी तो आंगनबाड़ी सेविकाएं आत्मदाह करने से पीछे नहीं हटेंगी.

देखें पूरी खबर

आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि पूर्व में 10 सूत्री मांग को लेकर जब हड़ताल की थी तो सरकार ने उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसकी सुध नहीं ली जा रही है. इसीलिए वे लोग पुनः अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. उनका आरोप है कि सरकार से हुई पिछली वार्ता में सभी अधिकारियों ने उनकी मांग पत्र पर सहमति जताते हुए फाइल पर हस्ताक्षर कर दिया था, लेकिन सीएम रघुवर दास ने हस्ताक्षर नहीं किया था, जिसके कारण उनकी मांग आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई है.

सेविका ममता पांडेय ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय वृद्धि के साथ-साथ रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाना है. वहीं सेविका सुशीला देवी ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानेगी तब तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुलेगा.

इधर, आंगनबाड़ी सेविकाओं के हड़ताल को देखते हुए केंद्रों में बच्चों के पोषाहार के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का दावा कर रही है. वहीं, बाल विकास पदाधिकारी हरीश कुमार ने बताया कि गांव की माता समिति के अलावा गांव के एक्टिव लोगों को पोषाहार जारी रखने के लिए मनोनीत किया गया है.

सेविकाओं के हड़ताल से नौनिहालों के पोषाहार तो प्रभावित हो ही रहे हैं. वहीं, गांव की गर्भवती महिलाओं को भी सरकारी लाभ से वंचित होना पड़ रहा है. ऐसे में देखना है कि यह आंदोलन कब तक जारी रहता है और सरकार कब तक इस ओर ध्यान नहीं देती.

लातेहार: एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर जिले में आंगनबाड़ी सेविकाएं हड़ताल पर बैठ गई हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास और सरकार पर तानाशाही करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी तो आंगनबाड़ी सेविकाएं आत्मदाह करने से पीछे नहीं हटेंगी.

देखें पूरी खबर

आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि पूर्व में 10 सूत्री मांग को लेकर जब हड़ताल की थी तो सरकार ने उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसकी सुध नहीं ली जा रही है. इसीलिए वे लोग पुनः अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. उनका आरोप है कि सरकार से हुई पिछली वार्ता में सभी अधिकारियों ने उनकी मांग पत्र पर सहमति जताते हुए फाइल पर हस्ताक्षर कर दिया था, लेकिन सीएम रघुवर दास ने हस्ताक्षर नहीं किया था, जिसके कारण उनकी मांग आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई है.

सेविका ममता पांडेय ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय वृद्धि के साथ-साथ रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाना है. वहीं सेविका सुशीला देवी ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानेगी तब तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुलेगा.

इधर, आंगनबाड़ी सेविकाओं के हड़ताल को देखते हुए केंद्रों में बच्चों के पोषाहार के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का दावा कर रही है. वहीं, बाल विकास पदाधिकारी हरीश कुमार ने बताया कि गांव की माता समिति के अलावा गांव के एक्टिव लोगों को पोषाहार जारी रखने के लिए मनोनीत किया गया है.

सेविकाओं के हड़ताल से नौनिहालों के पोषाहार तो प्रभावित हो ही रहे हैं. वहीं, गांव की गर्भवती महिलाओं को भी सरकारी लाभ से वंचित होना पड़ रहा है. ऐसे में देखना है कि यह आंदोलन कब तक जारी रहता है और सरकार कब तक इस ओर ध्यान नहीं देती.

Intro:लातेहार. आंगनबाड़ी सेविका हड़ताल पर बच्चों के पोषाहार पर आफत लातेहार. अपनी मांगों को लेकर और मुख्यमंत्री रघुवर दास पर तानाशाही करने का आरोप लगाकर लातेहार जिले की सभी आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका हड़ताल पर चली गई है. इस कारण आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाले पोषाहार पर आफत आ गया है.


Body:दरअसल आंगनबाड़ी सेविकाओं का आरोप है कि पूर्व में 10 सूत्री मांग को लेकर जब उन्होंने हड़ताल किया था तो सरकार के स्तर से जो वार्ता हुई थी उसमें उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया था. वार्ता के बाद सभी अधिकारियों ने उनकी मांग पत्र पर सहमति जताते हुए फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए परंतु मुख्यमंत्री रघुवर दास के हस्ताक्षर नहीं किए जाने के कारण उनकी मांग आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई. इसीलिए वे लोग पुनः अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. सेविका ममता पांडेय ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय वृद्धि के साथ-साथ रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाना है. वही सेविका सुशीला देवी ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मानेगी तब तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुलेगा. जरूरत पड़ने पर आंगनबाड़ी सेविका आत्मदाह तक कर लेंगे. इधर आंगनबाड़ी सेविकाओं के हड़ताल को देखते हुए केंद्रों में बच्चों के पोषाहार के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का दावा कर रही है. बाल विकास पदाधिकारी हरीश कुमार ने कहा कि गांव की माता समिति के अलावे गांव के एक्टिव लोगों को पोषाहार जारी रखने के लिए मनोनीत किया गया है. vo-jh_lat_02_strike_visual_byte_jh10010 byte- सेविका ममता पांडेय byte- सेविका सुशीला देवी byte- बाल विकास पदाधिकारी हरीश कुमार


Conclusion:सेविकाओं के हड़ताल से नौनिहालों के पोषाहार तो प्रभावित हो ही रहे हैं . गांव की गर्भवती और प्रसूति महिलाओं को भी सरकारी लाभ से वंचित होना पड़ रहा है.
ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.