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एक ऐसा गांव जहां महिलाएं साबुन से धो रहीं हैं बेरोजगारी का कलंक, जानिए कैसे - साबुन बनाकर पैसे

चतरा जिला के एदला गांव की महिलाएं सर्फ और साबुन बनाकर पैसे कमा रहीं हैं. इससे गांव-घर में ही स्वरोजगार मिलने से महिला के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है.

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महिलाएं धो रही बेरोजगारी का कलंक
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Published : Mar 8, 2021, 5:38 AM IST

चतरा: आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं. जिले की महिलाएं ग्रुप बनाकर सर्फ और साबुन का निर्माण करके वो कर दिखाया, जो देश भर की महिलाओं के लिए मिसाल है. गरीबी का दंश झेल रही महिलाओं ने ग्रामीण विकास विभाग-झारखंड सरकार की तरफ से जेएसएलपीएस विभाग की मदद से साबुन और सर्फ का निर्माण कर अपनी बेरोजगारी का कलंक को धो रही है.

देखें स्पेशल स्टोरी

इसे भी पढे़ं: खुशियां गेंदा फूलः अफीम की गंध नहीं गेंदा फूल से महका महिलाओं का जीवन

सर्फ और साबुन से रोजगार

हौसलों से भरपूर ये महिलाएं सर्फ और साबुन उत्पादन के क्षेत्र में मल्टीनेशनल कंपनियों को भी पीछे छोड़ने की सोच रखती हैं. चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड अंतर्गत एदला गांव इन दिनों काफी सुर्खियों में है. इस गांव की महिलाएं खुद सहायता समूह से जुड़कर कम कीमत में ग्लिसरीन युक्त सर्फ और साबुन का निर्माण कर रहीं हैं. क्वालिटी की बात की जाए तो गांव में निर्मित यह सर्फ और साबुन बड़ी-बड़ी कंपनियों को टक्कर दे रहा है. उत्पादक समूह से जुड़ी इन महिलाओं के जीवन में भी अब बदलाव देखने को मिल रहा है.

महिला आर्थिक सशक्तिकरण

गांव-घर में ही स्वरोजगार मिलने से महिला आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है. इनका मानना है कि प्रधानमंत्री के वोकल फोर लोकल के आह्वान ने भी इनके काम को बहुत आसान बना दिया है. मामले में जेएसएलपीएस प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक-राहुल रंजन पांडेय बताते हैं कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं. सिमरिया ब्लॉक में फिलहाल 16 हजार महिलाओं को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के अंतर्गत समूह से जोड़ा गया है.

इसे भी पढे़ं: केसर का दमः लाल सोना से चमकती महिलाओं की किस्मत

मार्केटिंग का भी पूरा खाका तैयार

सर्फ और साबुन निर्माण से जुड़ी इन महिलाओं ने उत्पादन के बाद मार्केटिंग का भी पूरा खाका तैयार कर लिया है. बहुत जल्द ही स्थानीय बाजारों के साथ बड़े-बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में भी यह सर्फ और साबुन एक बेहतरीन ब्रांडिंग के साथ उपलब्ध रहेंगे.

चतरा: आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं. जिले की महिलाएं ग्रुप बनाकर सर्फ और साबुन का निर्माण करके वो कर दिखाया, जो देश भर की महिलाओं के लिए मिसाल है. गरीबी का दंश झेल रही महिलाओं ने ग्रामीण विकास विभाग-झारखंड सरकार की तरफ से जेएसएलपीएस विभाग की मदद से साबुन और सर्फ का निर्माण कर अपनी बेरोजगारी का कलंक को धो रही है.

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सर्फ और साबुन से रोजगार

हौसलों से भरपूर ये महिलाएं सर्फ और साबुन उत्पादन के क्षेत्र में मल्टीनेशनल कंपनियों को भी पीछे छोड़ने की सोच रखती हैं. चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड अंतर्गत एदला गांव इन दिनों काफी सुर्खियों में है. इस गांव की महिलाएं खुद सहायता समूह से जुड़कर कम कीमत में ग्लिसरीन युक्त सर्फ और साबुन का निर्माण कर रहीं हैं. क्वालिटी की बात की जाए तो गांव में निर्मित यह सर्फ और साबुन बड़ी-बड़ी कंपनियों को टक्कर दे रहा है. उत्पादक समूह से जुड़ी इन महिलाओं के जीवन में भी अब बदलाव देखने को मिल रहा है.

महिला आर्थिक सशक्तिकरण

गांव-घर में ही स्वरोजगार मिलने से महिला आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है. इनका मानना है कि प्रधानमंत्री के वोकल फोर लोकल के आह्वान ने भी इनके काम को बहुत आसान बना दिया है. मामले में जेएसएलपीएस प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक-राहुल रंजन पांडेय बताते हैं कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं. सिमरिया ब्लॉक में फिलहाल 16 हजार महिलाओं को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के अंतर्गत समूह से जोड़ा गया है.

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मार्केटिंग का भी पूरा खाका तैयार

सर्फ और साबुन निर्माण से जुड़ी इन महिलाओं ने उत्पादन के बाद मार्केटिंग का भी पूरा खाका तैयार कर लिया है. बहुत जल्द ही स्थानीय बाजारों के साथ बड़े-बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में भी यह सर्फ और साबुन एक बेहतरीन ब्रांडिंग के साथ उपलब्ध रहेंगे.

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