चतरा: राजद छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व विधायक जनार्दन पासवान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. करीब 2 साल पहले मुखिया चंद्रिका यादव मर्डर मामले में उनके गृह थाना क्षेत्र अंतर्गत गजवा पंचायत के ग्रामीणों ने पूर्व विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस बाबत वर्तमान मुखिया रोहित यादव और राजद नेताओं के संयुक्त नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में कैंडल मार्च सह न्याय यात्रा निकाल जनार्दन पासवान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में गवाह होने के बाद भी पुलिस पैसे और पैरवी की बदौलत पूर्व विधायक को बचा रही है. दिवंगत मुखिया चंद्रिका यादव के बेटे सह वर्तमान मुखिया रोहित यादव ने बताया कि घटना के करीब 2 साल बीत जाने के बाद भी आज तक हत्यारे सलाखों के पीछे रहने के बजाय खुलेआम घूम रहे हैं. जो न सिर्फ कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती है बल्कि पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है.
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गौरतलब है कि 23 अक्टूबर 2017 को प्रतापपुर प्रखंड अंतर्गत गजवा पंचायत के मुखिया सह राजद नेता चंद्रिका यादव की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. चंद्रिका पंचायत भ्रमण कर अपने गांव लौट रहे थे, इसी दौरान रास्ते में ही अपराधियों ने उन्हें रोककर नजदीक से गोली मार दी, जिसके बाद मुखिया के भाई के फर्द बयान पर राजद के ही पूर्व विधायक जनार्दन पासवान जो वर्तमान में भाजपा में शामिल हो चुके हैं पर हत्या का आरोप लगा. मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि उनकी आंखों के सामने पूर्व विधायक ने राजनीतिक प्रतिशोध में उनके भाई की निर्मम हत्या की है.