ऊनाः ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य व पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा है कि हिमाचल की पहाड़ी गाय गौरी के संवर्धन के लिए केन्द्र सरकार ने 4.64 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है.
वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि इनाफ का कार्य हिमाचल प्रदेश में 99 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है और यह लक्ष्य हासिल करने वाला हिमाचल प्रदेश देश में पहला राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेसहारा गौवंश के पुनर्वास तथा प्रदेश की सड़कों को पशु मुक्त बनाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है.
16500 बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान किया आश्रय
उन्होंने कहा कि प्रदेश के गौसदनों में 16500 बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान किया गया है और प्रदेश सरकार ने मार्च 2022 तक प्रदेश की सड़कों को बेसहारा पशुमुक्त करने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में गौ अभ्यारणयों का निर्माण हो रहा है.मौजूदा गौसदनों का भी विस्तार किया जा रहा है.
पशुओं को सड़क पर छोड़ने वालों के विरुद्ध बनेंगें कड़े कानून
पशुपालन मंत्री ने कहा कि अपने पशुओं को सड़क पर छोड़ने वालों के विरुद्ध कड़े कानूनी नियम बनाए जा रहे हैं. सरकार पशु छोड़ने पर जुर्माना करने का अधिकार ग्राम पंचायत प्रधान की बजाय पशु चिकित्सा अधिकारी को प्रदान करने पर विचार कर रही है.
उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं की समस्या को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार पशुपालन विभाग के माध्यम से सैक्स सोर्टिड सीमन उपलब्ध करवा रही है. इन टीकों के माध्यम से 99 प्रतिशत बछड़ियां ही पैदा होंगी. पशुपालन मंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि यह टीके जिला मुख्यालयों पर उपलब्ध करवाए जाएं.
पशुपालन विभाग के खाली पदों को भरने का प्रयास
उन्हेांने कहा कि पशुपालन विभाग को सुदृढ़ और जनजातीय क्षेत्रों में विभाग के खाली पदों को भरने का प्रयास हो रहा है. उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपनी कार्य प्रणाली को और अधिक बेहतर बनाएं ताकि पशुपालकों को हर योजना की जानकारी व लाभ मिल सके.
जापान सरकार की मदद से जायका-2 परियोजना हिमाचल प्रदेश में होगी लागू
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि जापान सरकार की मदद से जायका-2 परियोजना हिमाचल प्रदेश में लागू होने वाली है. इस परियोजना के तहत न केवल किसान के खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा बल्कि डेयरी व मत्स्य पालन की गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पानी उपलब्ध होने के बाद किसान अन्य गतिविविधियों में भी शामिल होकर मुनाफा कमा सकें.
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आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी मिश्रित किसानी
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में छोटे किसानों की संख्या बहुत अधिक हैं. ऐसे में मिश्रित किसानी, पशुपालन मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां किसानों की आय को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय को दुगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है तथा इस कार्य में पशुपालन विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
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