नाहनः जिला मुख्यालय नाहन में बुधवार को सैकड़ों जेबीटी प्रशिक्षुओं ने अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए डीसी कार्यालय तक रैली निकाली. इस दौरान जेबीटी प्रशिक्षुओं ने अपनी मांगों को लेकर डीसी सिरमौर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा.
बीएड की जेबीटी व डीएलएड के साथ न की जाए तुलना
दरअसल जेबीटी प्रशिक्षुओं की मांग है कि प्रदेश में बीएड धारकों को जेबीटी के समकक्ष न समझा जाए. यदि बीएड धारकों को जेबीटी के लिए पात्र माना जाता हैं, तो जेबीटी की डिग्री प्राप्त कर चुके सैंकड़ों छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक जाती है. लिहाजा बीएड को जेबीटी व डीएलएड के साथ तुलना न की जाए. प्रशिक्षुओं ने बताया कि बीएड धारकों की भर्तियों में हस्ताक्षेप के बाद हाल में बैच वाइज जेबीटी भर्तियां भी प्रभावित हुई.
27 फरवरी को हिमाचल सरकार जेबीटी प्रशिक्षुओं के समर्थन में दे जवाब
प्रशिक्षुओं ने मांग की है कि आगामी 27 फरवरी को हिमाचल सरकार न्यायालय में जेबीटी प्रशिक्षुओं के समर्थन में अपना जवाब दें, ताकि प्रदेश के हजारों जेबीटी प्रशिक्षुओं को राहत मिल सके. जेबीटी प्रशिक्षुओं का यह भी कहना है कि सही मायने में जेबीटी प्रशिक्षु ही प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने में सक्षम हैं, क्योंकि उन्हें 2 साल तक प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है,जबकि बीएड प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण बिल्कुल अलग है.
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