शिमला: पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार विपक्ष के निशाने पर है. परीक्षा को सरकार ने रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया है. युवा कांग्रेस ने पेपर लीक को भाजपा सरकारों का चलन बताया. युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने शिमला में पत्रकार वार्ता में (Youth Congress press conference in Shimla )कहा कि बीजेपी सरकार में पहले भी इस तरह पेपर लीक के मामले आ चुके है. कई सालों से रोजगार की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया गया.
युवा कांग्रेस इसे बर्दास्त नही करेगी. उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामले भाजपा शाषित अन्य राज्यों में भी हो रहे. यह इनकी सरकारों का चलन बन गया है. सरकार की नाकामी के बाद पेपर रद्द करना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व में भी ऐसे मामलों में एसआईटी का गठन किया ,लेकिन परिणाम शून्य रहा. उन्होंने मांग है कि मामले की हाईकोर्ट के सिटींग न्यायधीश या सीबीआई की जांच होनी चाहिए. इसको लेकर युवा कांग्रेस राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपेगी. साथ ही इसकी निष्पक्ष जांच नहीं होती होगी तो युवा कांग्रेस सड़कों पर उतर कर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी.
27 मार्च को हुई थी परीक्षा: 27 मार्च 2022 को 1334 पदों के लिए लिखित परीक्षा हुई थी. परीक्षा में पूरे प्रदेश से करीब 74 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे. प्रदेशभर में 81 केंद्रों पर लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया. रिजल्ट 5 अप्रैल 2022 को घोषित हुआ था. लिखित परीक्षा में कांस्टेबल पुरुष के पदों के लिए 60 हजार से अधिक और कांस्टेबल महिला पदों के लिए 14 हजार से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे.
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